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Ritu Singh UPPCS Success Story: मेरठ की रितु सिंह ने UPPCS 2024 परीक्षा में नायब तहसीलदार बनकर सफलता का नया इतिहास रचा है. लगातार दो बार प्री एग्जाम में असफल होने के बावजूद, रितु ने हार नहीं मानी और तीसरे प्रयास में यह मुकाम हासिल किया. दिल्ली के मिरांडा हाउस से पढ़ीं रितु ने अपनी सफलता का श्रेय परिवार के सहयोग और NCERT की किताबों को दिया है.
Ritu Singh UPPCS Success Story: कहते हैं कि अगर मन में कुछ कर गुजरने का जुनून हो, तो विपरीत परिस्थितियां भी आपके कदम नहीं रोक सकतीं. मेरठ की रितु सिंह ने इस कहावत को सच कर दिखाया है. लगातार दो बार प्रारंभिक परीक्षा में असफल होने के बावजूद, रितु ने हार नहीं मानी और अपने तीसरे प्रयास में यूपीपीसीएस 2024 (UPPCS 2024) की परीक्षा में शानदार सफलता हासिल कर ‘नायब तहसीलदार’ का पद प्राप्त किया है. उनकी यह कामयाबी उन हजारों युवाओं के लिए मिसाल है जो छोटी असफलताओं से टूट जाते हैं.
पहले दो बार नहीं क्लियर हुआ था प्री एग्जाम
लोकल-18 की टीम से खास बातचीत करते हुए नायब तहसीलदार पद पर चयनित रितु सिंह ने बताया कि जीवन में कई बार असफलता का स्वाद भी चखना पड़ता है. उन्होंने भी दो बार यूपीपीसीएस का एग्जाम दिया था, जिसमें उनका प्री एग्जाम भी क्लियर नहीं हो पाया था. इससे वह काफी उदास हो गई थीं, लेकिन परिवार के अटूट सहयोग से उन्होंने एक बार फिर हिम्मत जुटाई और आगे बढ़ने का निश्चय किया. रितु ने अपनी पुरानी कमियों से सीखा और अपने ड्रीम प्रोजेक्ट पर फोकस किया. इसी मेहनत का परिणाम है कि तीसरे प्रयास में उन्होंने प्री, मेंस और इंटरव्यू तीनों चरणों को पार कर सफलता का परचम लहराया.
लक्ष्य निर्धारित कर आगे बढ़ें युवा
सफलता का मंत्र साझा करते हुए रितु सिंह ने कहा कि जो भी युवा यूपी पीसीएस परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं, उन्हें अपना लक्ष्य निर्धारित कर आगे बढ़ना चाहिए. उन्होंने स्पष्ट किया कि पढ़ाई में घंटों की गिनती मायने नहीं रखती, बल्कि आपकी एकाग्रता जरूरी है. रितु के अनुसार, “कभी आपको 5-6 घंटे पढ़ना पड़ता है, तो कभी जरूरत पड़ने पर 16 घंटे तक भी मेहनत करनी पड़ती है.” उन्होंने अपनी तैयारी के लिए सिविल एकेडमी में मॉक टेस्ट दिए और चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय स्थित राजा महेंद्र प्रताप केंद्रीय पुस्तकालय (लाइब्रेरी) में घंटों स्वाध्याय किया.
NCERT की किताबों पर दें विशेष जोर
रितु सिंह का मानना है कि तैयारी की नींव मजबूत होनी चाहिए. उन्होंने अभ्यर्थियों को सलाह दी कि वे एनसीईआरटी (NCERT) की किताबों का गहन अध्ययन करें और सिलेबस को अच्छी तरह समझें. उन्होंने कहा कि असफलताओं से घबराने के बजाय अपनी कमियों को दूर करना ही जीत का असली रास्ता है.
रितु सिंह इग्नू से कर रही पीएचडी
मूल रूप से सहारनपुर की रहने वाली रितु सिंह एक शिक्षित परिवार से आती हैं. उनके पिता स्वदेश कुमार मुजफ्फरनगर अभियोजन विभाग में स्पेशल जुडिशल मजिस्ट्रेट के रूप में कार्यरत हैं, जबकि माता राजेश्वरी एक कुशल गृहिणी हैं. उनके भाई मानव और ध्रुव अभी अपनी पढ़ाई पूरी कर रहे हैं. रितु की शुरुआती शिक्षा (10वीं और 12वीं) मेरठ से हुई, जिसके बाद उन्होंने दिल्ली के प्रतिष्ठित मिरांडा हाउस कॉलेज से ग्रेजुएशन और फिर पोस्ट ग्रेजुएशन पूरा किया. वर्तमान में वह इग्नू से अपनी पीएचडी भी कर रही हैं.
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राहुल गोयल न्यूज़ 18 हिंदी में हाइपरलोकल (यूपी, उत्तराखंड, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश) के लिए काम कर रहे हैं. मीडिया इंडस्ट्री में उन्हें 16 साल से ज्यादा का अनुभव है, जिसमें उनका फोकस हमेशा न्यू मीडिया और उसके त…और पढ़ें



