
विंध्य ज्योति संवाददाता राजन जायसवाल
कोन सोनभद्र। जनपद सोनभद्र के कोन थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम मिश्री स्थित प्रसिद्ध आस्था केंद्र बेचू वीर धाम में लगने वाला पारंपरिक मेला इस वर्ष भी चैत मास के रामनवमी से प्रारंभ होकर एकादशी तक आयोजित होगा। यह मेला वर्ष में दो बार आयोजित किया जाता है, जिसमें हजारों की संख्या में श्रद्धालु दूर-दूर से पहुंचकर दर्शन-पूजन करते हैं। क्षेत्र में इस मेले को लेकर अभी से तैयारियां और उत्साह का माहौल देखने को मिल रहा है। ग्रामीणों और धाम समिति के लोगों के अनुसार, बेचू वीर धाम क्षेत्र की आस्था का प्रमुख केंद्र है और यहां लोगों की गहरी धार्मिक मान्यता जुड़ी हुई है। मान्यता है कि यहां सच्चे मन से पूजा-अर्चना करने और मन्नत मांगने पर भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। यही कारण है कि मेले में सिर्फ सोनभद्र ही नहीं बल्कि आसपास के जनपदों और अन्य राज्यों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। चैत मास में लगने वाला यह मेला रामनवमी से शुरू होकर लगातार एकादशी तक चलता है। मेले के दौरान धाम परिसर में पूजा-पाठ, हवन, भजन-कीर्तन, प्रसाद वितरण, झंडा चढ़ाने की परंपरा और विभिन्न धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। इसके साथ ही मेले में मिठाई, खिलौने, घरेलू सामान, श्रृंगार सामग्री और खान-पान की कई दुकानें भी लगती हैं, जिससे मेले का माहौल और भी आकर्षक हो जाता है। बच्चों और महिलाओं में मेले को लेकर विशेष उत्साह देखा जाता है।
ग्रामीणों ने बताया कि यह मेला साल में दो बार लगता है। पहला मेला चैत मास के रामनवमी से एकादशी तक और दूसरा मेला कार्तिक मास में नवमी, दशमी और एकादशी तक आयोजित होता है। दोनों मेलों में हजारों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं और धाम में माथा टेककर सुख-समृद्धि की कामना करते हैं। मेले के दौरान पूरा क्षेत्र भक्तिमय वातावरण में डूब जाता है और कई गांवों के लोग सामूहिक रूप से दर्शन करने पहुंचते हैं। मेला को सकुशल संपन्न कराने के लिए स्थानीय प्रशासन और पुलिस विभाग द्वारा सुरक्षा और शांति व्यवस्था के भी प्रबंध किए जाते हैं। वहीं ग्राम प्रधान, मेला समिति और ग्रामीणों के सहयोग से साफ-सफाई, पेयजल और अन्य व्यवस्थाएं की जाती हैं, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो। ग्रामीणों का कहना है कि बेचू वीर धाम का मेला वर्षों से चला आ रहा है और यह क्षेत्र की पुरानी परंपरा और आस्था का प्रतीक है। हर वर्ष मेले में श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ती जा रही है, जिससे यह मेला क्षेत्र के प्रमुख धार्मिक मेलों में गिना जाता है। चैत मास के मेले को लेकर क्षेत्र के लोगों में खासा उत्साह है और लोग मेले का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।