Last Updated:
एक तरफ अमेरिका और इजरायल के साथ जंग में ईरान अपने बड़े-बड़े नेताओं और कमांडरों को खो रहा है, वहीं दूसरी तरफ उसने देश के अंदर दमन का खौफनाक रास्ता अपना लिया है. ईरान ने 19 साल के उभरते हुए अंतरराष्ट्रीय पहलवान सालेह मोहम्मदी को गुरुवार सुबह फांसी की सजा दे दी, जिससे खेल जगत में मातम छा गया है.

ईरान ने खिलाड़ी को दी फांसी
तेहरान: अमेरिका और इजरायल के साथ जंग लड़ते-लड़ते ईरान ने भारी नुकसान झेला है. सुप्रीम लीडर और सिक्योरिटी चीफ जैसे कई बड़े-बड़े नेताओं को खोया है. इस बीच ईरानी रिजीम ने एक ऐसा फैसला लिया है, जिसे देखकर दुनिया हैरान रह गई है. इस देश ने अपने ही चमकते सितारे को मौत के घाट उतार दिया है. ईरान ने 19 साल के उभरते हुए इंटरनेशनल रेसलिंग स्टार सालेह मोहम्मदी को गुरुवार सुबह ईरान सरकार ने फांसी पर लटका दिया. सिर्फ यही नहीं अभी जेल में कई उसके जैसे ही एथलीट कैद हैं, जिन पर मौत का खतरा मंडरा रहा है.
‘खुदा के खिलाफ युद्ध’ की सजा सिर्फ मौत
सालेह मोहम्मदी ईरान की कुश्ती परंपरा का एक उभरता हुआ चेहरा था लेकिन उनकी पहचान तब बदल गई जब उन पर ‘मोहारेबे’ यानी खुदा के खिलाफ युद्ध छेड़ने का आरोप लगाया गया. ये ईरान का वो कानून है जिसमें सजा सिर्फ और सिर्फ मौत होती है. सालेह के साथ मेहदी घासेमी और सईद दाऊदी को भी इसी आरोप में फांसी दी गई. सरकारी मीडिया का दावा है कि 8 जनवरी को कोम शहर में इन तीनों ने तलवारों और चाकुओं से पुलिसकर्मियों पर हमला किया था, जबकि मानवाधिकार संगठनों का कहना है कि ये बयान दबाव में लिए गए हैं.
मर गया दुनिया जीतने का सपना
ईरान में अखाड़े के दांव-पेंच से दुनिया को जीतने का सपना देखने वाले 19 साल के अंतरराष्ट्रीय पहलवान सालेह मोहम्मदी का सफर खौफनाक तरीके से खत्म हो गया है. गुरुवार सुबह जब दुनिया जाग रही थी, तब ईरान की सरकार ने इस युवा एथलीट को मौत के घाट उतार दिया. सालेह पर आरोप था कि उन्होंने जनवरी में हुए सरकार विरोधी प्रदर्शनों के दौरान दो पुलिस अधिकारियों की हत्या की थी. इस फांसी ने न केवल ईरान बल्कि पूरी दुनिया के खेल प्रेमियों को झकझोर कर रख दिया है. अब डर इस बात का है कि जेलों में बंद अन्य खिलाड़ी भी इसी तरह ‘न्यायिक कत्ल’ का शिकार न हो जाएं.
ईरान देना चाहता है ये संदेश
ईरान में खिलाड़ी केवल खेल का मैदान ही नहीं संभालते, बल्कि वे युवाओं के लिए ‘आइकन’ होते हैं. जब कोई मशहूर खिलाड़ी सरकार के खिलाफ खड़ा होता है, तो उसका असर लाखों लोगों पर पड़ता है. सालेह मोहम्मदी की फांसी को इसी ‘असर’ को खत्म करने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है. इससे पहले भी ईरान ने मशहूर पहलवान नाविद अफकारी को फांसी देकर दुनिया को चौंका दिया था. शासन का संदेश साफ है- ‘चाहे आप कितने भी बड़े स्टार क्यों न हों, अगर आप व्यवस्था को चुनौती देंगे, तो अंजाम फांसी का फंदा होगा’.
About the Author

उत्कर्षा श्रीवास्तव डिजिटल जर्नलिस्ट हैं और जियो-पॉलिटिक्स टॉपिक्स पर लिखती हैं, वो वर्तमान में News18 Hindi के World सेक्शन में कार्यरत हैं. उन्हें डिजिटल मीडिया में 10+ वर्षों का अनुभव है, इस दौरान उन्होंने क…और पढ़ें


