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Lakhimpur Kheri News: जिले में अब पशुओं के सटीक इलाज के लिए जिला अस्पताल बनाया जाएगा, जिससे पशुओं को बेहतर तरीके से इलाज मिल सकेगा. पशुओं के जिला अस्पताल में इमरजेंसी से लेकर सर्जरी तक की सुविधा उपलब्ध होगी. केंद्र सरकार की ओर से सूबे के 22 जिलों में आधुनिक पशु जिला अस्पताल स्थापित किए जाने हैं, जिसमें से लखीमपुर खीरी जिले को भी शामिल किया गया है.
लखीमपुर खीरी: उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले में पशुओं के लिए जिला अस्पताल बनाया जाएगा, जिससे पशुओं को बेहतर तरीके से इलाज मिल सकेगा. अस्पताल में ऑपरेशन थिएटर, अल्ट्रासाउंड, एक्स-रे और रक्त जांच प्रयोगशाला की सुविधा भी होगी पशुओं की सर्जरी के लिए पशु विशेषज्ञ उपलब्ध होंगे.
भारत एक कृषि प्रधान देश है और किसान अपनी आजीविका को चलाने के लिए पशुपालन पर अधिक जोर दे रहे हैं, जिस कारण उन्हें अच्छा खासा मुनाफा भी होता है. वहीं पशुपालन विभाग की ओर से पशुपालन करने के लिए युवाओं और किसानों को अनुदान भी दिया जा रहा है, लेकिन बदलते मौसम और रख-रखाव जानकारी के अभाव के कारण कई बार पशु बीमार हो जाते हैं. ऐसे में सही तरीके से पशुओं का इलाज नहीं हो पता है. इस कारण पशुओं की मृत्यु भी हो जाती है. ऐसे में किसानों का आर्थिक नुकसान होता है.
मरजेंसी से लेकर सर्जरी तक की सुविधा
जिला मुख्यालय पर पशुओं का भी जिला अस्पताल का निर्माण कार्य कराया जाएगा. 24 करोड़ रुपए की लागत से पशुओं का जिला अस्पताल बनेगा. पशुओं के जिला अस्पताल में इमरजेंसी से लेकर सर्जरी तक की सुविधा उपलब्ध होगी. केंद्र सरकार की ओर से सूबे के 22 जिलों में आधुनिक पशु जिला अस्पताल स्थापित किए जाने हैं, जिसमें से लखीमपुर खीरी जिले को भी शामिल किया गया है. शहर के पशु चिकित्सालय को 24 करोड़ रुपए से हाईटेक पंडित दीनदयाल उपाध्याय शताब्दी पशु चिकित्सालय बनाया जाएगा.
पशुपालकों को नहीं होगी दिक्कत
लोकल18 से बातचीत करते हुए मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर दिनेश सचान ने जानकारी देते हुए बताया कि जिले में करीब 18 लाख से अधिक पशुधन है. ग्रामीण क्षेत्रों में अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए पशुपालन महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं. कई बार जटिल बीमारियों और सर्जरी के लिए पशुपालकों को अन्य जिलों का रुख करना पड़ता था, जिससे उन्हें काफी दिक्कत का सामना करना पड़ता था. अब खीरी जिले में आधुनिक तरीके से पशुओं का अस्पताल बनने जा रहा है, जिससे पशुपालकों को कोई दिक्कत नहीं होगी.
इमरजेंसी से लेकर सर्जरी तक की रहेगी सुविधा
पशुओं के जिला अस्पताल में ऑपरेशन थिएटर, दवा भंडार, आधुनिक प्रयोगशाला, अल्ट्रासाउंड और रक्त प्रशिक्षण की सुविधा उपलब्ध होगी. जटिल सर्जरी के लिए विशेषज्ञ सर्जन और स्टाफ होंगे. मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी दिनेश सचान ने जानकारी देते हुए बताया कि बीमार पशु की अब जांच भी कराई जाएगी. जांच में पता चलेगा कि किस जानवर को कौन सी बीमारी है और उसी हिसाब से उस पशु का ट्रीटमेंट किया जाएगा.
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आर्यन ने नई दिल्ली के जामिया मिलिया इस्लामिया से पत्रकारिता की पढ़ाई की और एबीपी में काम किया. उसके बाद नेटवर्क 18 के Local 18 से जुड़ गए.



