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नरेश पाल सिंह ने डीएफसी कंट्रोल रूम निरीक्षण में एआई से क्रू बुकिंग, ड्यूटी प्लानिंग, रेस्ट मैनेजमेंट ऑटोमेट करने के निर्देश दिए, जिससे सुविधाएं और परफार्मेंश बेहतर होगा.

रेलवे की पंच्यूअलिटी बेहतर करने की कवायद.
नई दिल्ली. डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर डीएफसी में एआई का इस्तेमाल करके क्रू बुकिंग को और अधिक बेहतर बनाया जाएगा, जिससे क्रू मेंबर को अच्छी सुविधाएं मिल सकें जिससे उनका परफार्मेंश और बेहतर हो सके. यह बात उत्तर मध्य रेलवे के महाप्रबंधक नरेश पाल सिंह ने आज डीएफसी के कंट्रोल रूम के निरीक्षण के दौरान कही. यह उनके एनसीआर महाप्रबंधक बनने के बाद डीएफसीसीआईएल का पहला दौरा था.
इस दौरान उन्होंने निर्देश दिए कि एआई तकनीक से क्रू (लोको पायलट और ट्रेन मैनेजर) की बुकिंग, ड्यूटी प्लानिंग, रेस्ट मैनेजमेंट और उपलब्धता को ऑटोमेट किया जाए. इससे मानवीय गलतियां कम होंगी, क्रू की थकान घटेगी और ट्रेन ऑपरेशन में देरी नहीं आएगी. महाप्रबंधक ने कहा कि एआई से रीयल-टाइम डेटा, पूर्वानुमान और ऑप्टिमाइजेशन का इस्तेमाल कर क्रू की सुरक्षा और दक्षता बढ़ाई जा सकती है. उन्होंने सभी विभागों को एआई आधारित सिस्टम जल्द लागू करने के लिए समन्वय बनाने को कहा. इसके अलावा उन्होंने नए रेल कनेक्शन जैसे चुनार-न्यू डगमगपुर, भीमसेन-न्यू भीमसेन की समीक्षा की.
मशीन विजन इंस्पेक्शन और हॉट एक्सल बॉक्स डिटेक्टर जैसी तकनीकों की सराहना की. माघ मेले में ईडीएफसी पर औसतन 455 मालगाड़ियां चलने और रिकॉर्ड संख्या (101 अप और 94 डाउन) की प्रशंसा की. महाप्रबंधक ने लॉन्गर लूप बढ़ाने, सिंगल लाइन को डबल करने और वातानुकूलित रनिंग रूम (न्यू पंडित दीन दयाल उपाध्याय जंक्शन, न्यू खुर्जा, न्यू कानपुर) को समय पर पूरा करने के निर्देश दिए. इन रनिंग रूम में क्रू को आरामदायक सुविधाएं मिलेंगी.उन्होंने कहा कि ईडीएफसी की उच्च क्षमता से कोचिंग ट्रेनों की समयबद्धता भी सुधरी है. आने वाले महीनों में मालगाड़ियों की संख्या और बढ़ेगी.



