Last Updated:
Benefits of baby massage: नवजात शिशु की देखभाल में मालिश को सदियों से बेहद अहम माना गया है. दादी-नानी के नुस्खों से लेकर आधुनिक मेडिकल साइंस तक, सभी बच्चों की मालिश को उनकी शारीरिक और मानसिक ग्रोथ के लिए ‘वरदान’ मानते हैं. आगरा के वरिष्ठ बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. आशीष मित्तल के अनुसार, सही तरीके से की गई मालिश न केवल शिशु की कोमल हड्डियों को मजबूती देती है, बल्कि उनके पाचन तंत्र को सुधारकर गैस और चिड़चिड़ेपन जैसी समस्याओं से भी निजात दिलाती है.
छोटे बच्चों की देखभाल में मालिश का विशेष महत्व माना जाता है. गांव-घर में आज भी नवजात शिशु को दिन में तीन-चार बार मालिश की जाती है. एक्सपर्ट भी पेरेंट्स को बच्चों की मालिश करने की सलाह देते हैं. डॉक्टरों के अनुसार, सही तरीके से की गई मालिश बच्चों की ग्रोथ को मजबूत करती है और उनके शारीरिक विकास में मदद करती है. मालिश से बच्चों के पेट से जुड़ी कई समस्याएं दूर होती हैं और उनकी नाजुक हड्डियां मजबूत होती हैं. यही वजह है कि गांव-देहात में आज भी दादी-नानी बच्चों की मालिश को बेहद जरूरी मानती हैं.
आगरा के वरिष्ठ डॉक्टर आशीष मित्तल का मानना है कि मालिश बच्चों की शारीरिक मजबूती के लिए बेहद फायदेमंद होती है. डॉक्टरों के अनुसार, मालिश करने से बच्चों की मांसपेशियां और हड्डियां धीरे-धीरे मजबूत होती हैं. नवजात बच्चों की हड्डियां काफी नाजुक होती हैं, ऐसे में हल्के हाथों से की गई मालिश उन्हें मजबूती देती है. डॉक्टर बताते हैं कि मालिश से बच्चों के पेट से जुड़ी समस्याएं जैसे गैस, पेट फूलना और अपच में भी आराम मिलता है. नियमित मालिश से बच्चों का पाचन बेहतर होता है, जिससे वे स्वस्थ रहते हैं. इसके अलावा, अच्छी तरह मालिश होने के बाद बच्चों को गहरी और सुकून भरी नींद आती है. पर्याप्त नींद लेने से बच्चे खुश रहते हैं, खेलते हैं और चिड़चिड़ेपन से बचते हैं. मालिश का असर सिर्फ बचपन तक सीमित नहीं रहता, बल्कि इसका फायदा बच्चों को आगे चलकर भी मिलता है. बचपन में की गई सही मालिश बच्चों को जीवन भर शारीरिक रूप से मजबूत बनाए रखने में मदद करती है.
सही तरीके और सही तेल से करें बच्चों की मालिश
डॉ. आशीष मित्तल बताते हैं कि बच्चों की मालिश हमेशा हल्के हाथों से करनी चाहिए. मालिश करते समय जोर नहीं लगाना चाहिए, क्योंकि बच्चों की त्वचा और हड्डियां कोमल होती हैं. डॉक्टर के अनुसार, मालिश के लिए अच्छे और शुद्ध तेल का उपयोग करना चाहिए. बादाम का तेल, अंडी का तेल या ऑलिव ऑयल बच्चों की मालिश के लिए उपयुक्त माने जाते हैं. इन तेलों से की गई मालिश बच्चों को आराम देती है और उनकी त्वचा को भी पोषण मिलता है. गांव-देहात में आज भी महिलाएं सुबह की हल्की धूप में बच्चों की मालिश करती हैं. डॉक्टरों का मानना है कि धूप में की गई मालिश बच्चों के लिए और भी फायदेमंद होती है.
मालिश के दौरान बच्चे को अच्छा महसूस होता है और वह सुरक्षित महसूस करता है. इससे बच्चे और मां के बीच भावनात्मक जुड़ाव भी मजबूत होता है. डॉक्टर बताते हैं कि मालिश करने वाले व्यक्ति की खुशबू तक बच्चा पहचानने लगता है और भविष्य में भी उससे जुड़ा रहता है.
शरीर पर दाने या स्किन समस्या हो तो न करें मालिश
डॉ. आशीष मित्तल बताते हैं कि कुछ परिस्थितियों में बच्चों की मालिश नहीं करनी चाहिए. अगर बच्चे के शरीर पर दाने निकल रहे हों या किसी तरह की त्वचा संबंधी समस्या दिखाई दे रही हो, तो ऐसे में मालिश से बचना चाहिए. ऐसी स्थिति में तुरंत नजदीकी बाल रोग विशेषज्ञ को दिखाना जरूरी होता है. डॉक्टर का कहना है कि छोटे बच्चे अपनी परेशानी शब्दों में नहीं बता पाते हैं. ऐसे में उन्हें अधिक दर्द या तकलीफ हो सकती है, जिससे वे चिड़चिड़े हो जाते हैं और लगातार रोते रहते हैं. इसलिए बच्चों के मामले में किसी भी तरह की लापरवाही नहीं करनी चाहिए. बच्चों की मालिश हमेशा डॉक्टर की सलाह के अनुसार ही करनी चाहिए. सही समय, सही तरीका और सही देखभाल से की गई मालिश बच्चों को कई बीमारियों से बचाने में मदद करती है और उन्हें स्वस्थ जीवन की ओर बढ़ाती है.
About the Author

18 साल से ज्यादा के लंबे करियर में लक्ष्मी नारायण ने अपने डीडी न्यूज, आउटलुक, नई दुनिया, दैनिक जागरण, हिन्दुस्तान जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दी हैं। समसामयिक विषयों के विभिन्न मुद्दों, राजनीति, स…और पढ़ें



