प्रयागराज. संगम की रेती पर आयोजित माघ मेले का आज यानी कि 23 जनवरी को चौथा स्नान है. बसंत पंचमी के पर्व पर करोड़ों की संख्या में श्रद्धलु पहुंचे हुए हैं. तमाम श्रद्धालु और संत पीला वस्त्र धारण कर संगम में डुबकी लगा रहे हैं. सुबह 8 बजे तक ही करीब एक करोड़ चार लाख लोगों ने स्नान कर लिया है. हालांकि शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने बसंत पंचमी के मौके पर भी स्नान नहीं किया है. वहीं अन्य साधु-संतों ने स्नान कर लिया है. यहां पढ़ें पल-पल के अपडेट्स…
बसंत पंचमी पर भी नहीं किया स्नान
संगम की रेती पर आयोजित हो रहे माघ मेले में मौनी अमावस्या के स्नान पर्व पर ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती और मेला प्रशासन के बीच विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है. स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने माघ मेले के चौथे स्नान पर्व बसंत पंचमी पर आज स्नान नहीं किया. उन्होंने कहा है कि वह मौनी अमावस्या पर शिविर से संगम स्नान के लिए निकले थे. लेकिन प्रशासन द्वारा गंगा स्नान से रोके जाने के बाद अभी तक उनके लिए मौनी अमावस्या का मुहूर्त चल रहा है. स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने इस विवाद के पटाक्षेप को लेकर कहा कि इसकी शुरुआत मेला प्रशासन ने की है. लेकिन अब तक मेला प्रशासन ने कोई संपर्क नहीं किया है. उन्होंने कहा हम तो शिविर के बाहर बैठे हुए हैं क्या कुछ हो रहा है आप लोग बेहतर जानते है.
माघ मेले में पहुंचे आप के राज्यसभा सांसद संजय सिंह
ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को लगातार विपक्षी दलों का समर्थन मिल रहा है. शुक्रवार को बसंत पंचमी के दिन आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद और यूपी प्रभारी संजय सिंह भी माघ मेले में पहुंचे. उन्होंने न केवल स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती से आशीर्वाद लिया बल्कि उन्हें अपना नैतिक समर्थन भी दिया. इस मौके पर उन्होंने यूपी की योगी सरकार पर भी जमकर निशाना साधा है. उन्होंने कहा कि माघ मेले में मौनी अमावस्या के स्नान पर्व पर जो कुछ भी घटना उनके साथ हुई वह मन को पीड़ा देने वाली है. 90 साल के बुजुर्ग को घसीट घसीट कर मारा पीटा गया. उनके शिष्यों को चोटी पड़कर घसीट घसीट कर मारा गया.
बसंत पंचमी के पर्व पर 3 करोड़ 20 लाख लोगों ने लगाई डुबकी
माघ मेले में बसंत पंचमी का स्नान जारी. शाम 4 बजे तक लगभग 3 करोड़ 20 लाख लोगों ने लगाई आस्था की डुबकी. संगम के घाटों पर अभी भी श्रद्धालुओं के स्नान का क्रम जारी है. बसंत पंचमी से लेकर 26 जनवरी गणतंत्र दिवस तक साढे तीन करोड़ श्रद्धालुओं के स्नान का प्रशासन ने अनुमान लगाया था. लेकिन रिकार्ड संख्या में श्रद्धालु बसंत पंचमी पर ही प्रयागराज पहुंचे हैं.
माघ मेला में ध्वस्त हुआ इंटरनेट
माघ मेला क्षेत्र मे इंटरनेट और कालिंग व्यवस्था ध्वस्त. माघ मेला क्षेत्र में पहुंचने वाला हर एक व्यक्ति बैड नेटवर्क झेल रहा है. माघ मेला क्षेत्र से बाहर निकल कर लोग अपने परिजनों और संवन्धी से बातचीत कर रहे है. हालांकि मेला क्षेत्र मे पहले ही दिन से नेटवर्क की व्यवस्था ध्वस्त है. मुख्य स्नान पर्व पर नेटवर्क व्यवस्था ना के बराबर. दूसरी तरफ मेला की बसावट के दौरान कागज मे कई अस्थाई टावर लगाये गए हैं.
दोपहर 2 बजे तक 2.90 करोड़ लोगों ने किया स्नान
बसंत पंचमी के पावन पर्व पर करोड़ों की संख्या में श्रद्धालु संगम में डुबकी लगाने पहुंच रहे हैं. दोपहर 2 बजे तक 2.90 करोड़ श्रद्धालु डुबकी लगा चुके हैं. अभी भी लाखों की संख्या में श्रद्धालु स्नान कर रहे हैं. यह आंकड़ा तीन करोड़ के पार जा सकता है.
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद की बिगड़ी तबीयत
माघ मेले में शिविर के बाहर बैठे स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद की तबीयत बिगड़ गई है. 18 जनवरी से ही शाम पांच बजे से ही शिविर के बाहर बैठे हैं. आज सुबह बुखार आने के बाद वैनिटी वैन में सुबह 10 बजे चले गए थे. दोपहर 2 बजे वैनिटी वैन से उतर कर फिर शिविर के सामने पालकी पर बैठ गए हैं. हालांकि अभी तक चिकित्सकीय परामर्श नहीं लिया है. मौनी अमावस्या को पुलिस से विवाद के बाद से शिविर के बाहर टेक लिए हुए हैं. मेला प्रशासन से ससम्मान स्नान कराने की मांग कर रहे हैं. बसंत पंचमी के पर्व की भीड़ और स्वास्थ्य को देखते हुए आज गौ प्रतिष्ठा प्रेरणा यात्रा भी नहीं निकाली.
सनातनी किन्नर अखाड़ा ने संगम में किया स्नान
बसंत पंचमी के मुख्य स्नान पर्व पर आस्था की डुबकी लगाने नागा संन्यासियों के साथ पहुंचा सनातनी किन्नर अखाड़ा. शिविर से लेकर संगम नोज तक सनातनी किन्नर अखड़ा में मुख्य रूप से शामिल नागा साधु आकर्षण का केंद्र बने. वहीं नागा सन्यासियों के द्वारा दिखाए गए करतब को देखने के लिए भारी संख्या में श्रद्धालु मौके पर जुटे.
शंकराचार्य के विवाद पर क्या बोले शंकराचार्य निश्चलानंद सरस्वती
प्रयागराज में स्नान के बाद पुरी शंकराचार्य निश्चलानंद सरस्वती ने स्वामी अविमुक्तश्वरा नंद से जुड़े विवाद पर कहा कि प्रशासन और सरकार ने बहुत अच्छी व्यवस्था की है. किसी को नहाने से नहीं रोका गया होगा. ताम झाम से रोका गया होगा.
सुबह 10 बजे तक 1 करोड़ 40 लाख लोगों ने किया स्नान
माघ मेले में बसंत पंचमी का स्नान जारी. सुबह 10 बजे तक लगभग 1 करोड़ 40 लाख लोगों ने लगाई आस्था की डुबकी. दिन निकलने के साथ श्रद्धालुओं की संख्या भी लगातार बढ़ रही है. बसंत पंचमी से लेकर 26 जनवरी गणतंत्र दिवस तक साढे तीन करोड़ श्रद्धालुओं के स्नान का प्रशासन ने अनुमान लगाया है.
माघ मेले में हुए विवाद का मानवाधिकार ने लिया संज्ञान
माघ मेले में आए ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के साथ मेला प्राधिकरण का विवाद तूल पकड़ता जा रहा है. अब राज्य मानवाधिकार आयोग ने बटुकों और संतों पर पुलिस की अमानवीय कार्यवाही का लिया संज्ञान. पुलिस कमिश्नर प्रयागराज को मामले में विधिक कार्यवाही करने का दिया निर्देश. इस निर्देश के साथ ही राज्य मानवाधिकार आयोग ने शिकायत निस्तारित कर दी है. मौनी अमावस्या के मौके पर शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती एवं उनके शिष्यों के साथ विवाद हुआ था. मेला प्रशासन और पुलिस द्वारा की गई कथित अभद्रता, मारपीट, धक्का-मुक्की एवं त्रिवेणी संगम जाने से रोके जाने की घटनाओं की शिकायत की गई है. इलाहाबाद हाईकोर्ट के अधिवक्ता डॉ. गजेंद्र सिंह यादव ने राज्य मानवाधिकार आयोग में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई है.
संगम की रेती पर लगे माघ मेले के चौथे स्नान पर्व बसंत पंचमी के मौके पर आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा है. संगम नगरी में आस्था और श्रद्धा के साथ बसंत पंचमी का पर्व मनाया जा रहा है. इस मौके पर घने कोहरे और कड़ाके की ठंड के बावजूद बड़ी संख्या में श्रद्धालु गंगा, यमुना सरस्वती की त्रिवेणी में गजकेसरी योग में आस्था की डुबकी लगा रहे हैं. तमाम संत महात्मा और श्रद्धालु पीले कपड़े पहन कर त्रिवेणी की धारा में आस्था की डुबकी लगा रहे हैं. इसके साथ ही संतों के पंडालों व दूसरी जगहों पर ज्ञान और विद्या की देवी सरस्वती पूजी जा रही हैं. बसंत पंचमी के मौके पर सुबह आठ बजे तक लगभग एक करोड़ चार लाख लाख से ज्यादा श्रद्धालुओं ने संगम में डुबकी लगाई है.
बसंत पंचमी पर संगम स्नान होगा लाभकारी
इस बार ग्रह नक्षत्रों की स्थिति माघ शुक्ल पक्ष की पंचमी को बेहद खास बना रही है. बसंत पंचमी का पर्व माघ मास की शुक्ल पंचमी तिथि को मनाया जाता है. गजकेसरी के साथ शिवयोग का संयोग बना रहा है. जिसके चलते विशेष लाभकारी योग भी बन रहा है. इस दिन पवित्र नदी में स्नान करने से बुद्धिबल का विकास होता है और सभी मनोकामनायें पूरी होती हैं. साधकों, विद्यार्थियों, कल्पवासियों के पीले वस्त्र धारण कर और पीला चंदन लगाकर स्नान करना चाहिए. त्रिवेणी में आस्था की डुबकी लगाने से श्रद्धालुओं के शरीर के साथ ही आंतरिक काया का भी शुद्धिकरण होता है. आज ब्रह्म मुहूर्त से पूरे दिन बसंत पंचमी के स्नान का पुण्य लाभ श्रद्धालुओं और कल्पवासियों को मिलेगा.
सुरक्षा के विशेष इंतजाम
माघ मेले में श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं. माघ मेला क्षेत्र में साढ़े तीन किलोमीटर के घाट बनाए गए हैं. माघ मेला 800 हेक्टेयर में 7 सेक्टर में बसाया गया है. माघ मेले में पहली बार नौ पान्टून ब्रिज बनाए गए हैं. माघ मेले की सुरक्षा में मेला क्षेत्र में 400 से ज्यादा सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं. 150 से ज्यादा कैमरे में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का माघ मेले में प्रयोग हो रहा है. माघ को पूरी तरह से प्लास्टिक फ्री घोषित किया गया है. कई किलोमीटर चकर्ड प्लेटें बिछाकर सड़कें बनाई गई हैं. माघ मेले में ठंड के मद्देनजर नजर अलाव और श्रद्धालुओं के लिए रैन बसेरे का इंतजाम किया गया है. सुरक्षा के लिए भी चाक चौबंद इंतजाम किए गए हैं. पुलिस पीएसी पैरामिलिट्री के साथ यूपी एटीएस के कमांडो और एसटीएफ की तैनाती की गई है. स्नान घाटों पर जल पुलिस, गोताखोर, फ्लड कंपनी पीएसी एनडीआरएफ और एसडीआरएफ तैनात की गई है.
ड्रोन से हो रही निगरानी
पूरे माघ मेला क्षेत्र की सीसीटीवी कैमरों और ड्रोन से निगरानी हो रही है. संगम के गहरे जल में भी जल पुलिस के साथ ही एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें तैनात की गई हैं. स्नान पर्व के मद्देनजर ट्रैफिक मैनेजमेंट प्लान बनाया गया है. ताकि माघ मेले में आने वाले श्रद्धालु बगैर किसी परेशानी के स्नान कर वापस लौट सकें. पुलिस कर्मियों समेत माघ मेले की तैयारी में लगे सभी कर्मियों की ब्रीफिंग की गई है. पुलिस को श्रद्धालुओं, साधु संतों और कल्पवासियों से अच्छे व्यवहार की नसीहत दी गई है. माघ मेले से जुड़े पुलिस और प्रशासन के आला अधिकारी भी लगातार मेला क्षेत्र में भ्रमण कर रहे हैं. संगम की रेती पर आयोजित माघ मेला 15 फरवरी महाशिवरात्रि के पर्व तक चलेगा.



