
राजन जायसवाल | कोन सोनभद्र।
सोनभद्र। कोन ब्लॉक क्षेत्र में किसानों को यूरिया खाद की गंभीर कमी का सामना करना पड़ रहा है। सहकारी साधन समितियों पर खाद उपलब्ध नहीं है। धान की रोपाई के बाद पहली खाद की जरूरत के समय यह समस्या और बढ़ गई है।
किसान पिछले एक सप्ताह से लैम्पस का चक्कर लगा रहे हैं। इस स्थिति का फायदा उठाकर कोन, रामगढ़ और कचनरवा बाजार के निजी दुकानदार मनमानी कीमत वसूल रहे हैं। 266.50 रुपये की यूरिया बोरी 600-700 रुपये में बेची जा रही है। डीएपी 1350 रुपये के बजाय 1600-1700 रुपये में बेची जा रही है।

ग्रामीणों के अनुसार, तेलगुड़वा-कोन मार्ग और कोन-विंढमगंज मार्ग पर कुछ दुकानदार खाद को ऊंचे दामों पर झारखंड भेज रहे हैं। सोमवार को कोन और रामगढ़ सहकारी समिति बंद मिली। कचनरवा सहकारी समिति पर किसानों की भीड़ और आक्रोश को देखकर सचिव मोबाइल बंद कर फरार हो गए।
सहकारी समिति के अध्यक्ष संतोष जायसवाल ने बताया कि जिले से किसानों की मांग के अनुरूप पर्याप्त उर्वरक नहीं मिल रहा है। किसानों का कहना है कि अधिकारी खाद की पर्याप्त उपलब्धता का दावा कर रहे हैं। लेकिन पिछले आठ दिनों से उन्हें खाद नहीं मिल रही है।
किसान बिहारी प्रसाद यादव, कैलास राम भारती, रघुवर प्रसाद, प्रदीप, बसंत और बैकुंठ सिंह ने जिलाधिकारी से हस्तक्षेप की मांग की है। उन्होंने खाद की कमी दूर करने के साथ जमाखोरी और कालाबाजारी पर रोक लगाने की मांग की है। समय पर खाद न मिलने से धान की फसल खतरे में है।
