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पश्चिम बंगाल के कोलकाता में आयोजित सेसिनकाई कराटे संघ अंतरराष्ट्रीय चैंपियनशिप, में हजारीबाग के 74 खिलाड़ियों ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए मेडल प्राप्त किया है. कोलकाता के नेताजी इंडोर स्टेडियम में आयोजित इस टू…और पढ़ें
हाइलाइट्स
- हजारीबाग के 74 खिलाड़ियों ने कराटे में जीते 74 पदक
- कोलकाता में आयोजित टूर्नामेंट में जीते 15 स्वर्ण, 19 रजत, 40 कांस्य पदक
- हजारीबाग के खिलाड़ियों ने 4 महीने की मेहनत से जीते पदक
7000 से अधिक प्रतिभागियों ने लिया भाग
कोलकाता के नेताजी इंडोर स्टेडियम में आयोजित इस टूर्नामेंट में हजारीबाग के 74 खिलाड़ियों ने भाग लिया था. इसमें 15 स्वर्ण, 19 रजत और 40 कांस्य पदक जीता है. यह हजारीबाग के लिए बड़ी उपलब्धि है कि एक टूर्नामेंट में शामिल हुए सभी खिलाड़ियों ने पदक जीता हो. इस टूर्नामेंट में विश्व के 6 देशों से 7000 से अधिक प्रतिभागियों ने भाग लिया था. प्रतियोगिता में हजारीबाग के जूनियर से लेकर सीनियर खिलाड़ियों ने अपना दमखम दिखाया है टूर्नामेंट में 6 साल के खिलाड़ियों से लेकर 18 साल के खिलाड़ियों ने मेडल जीता है.
मुख्य प्रशिक्षक शिहान उदय कुमार ने बताया कि यह हजारीबाग के लिए बड़ी उपलब्धि है कि एक साथ इतने खिलाड़ियों ने इंटरनेशनल प्रतियोगिता में पदक प्राप्त किया हो. इसके लिए खिलाड़ियों ने पिछले चार महीना से जी तोड़ मेहनत की थी. जिन खिलाड़ियों ने अभी गोल्ड मेडल जीता है. वह आगे चलकर सिंगापुर, आस्ट्रेलिया और मलेशिया में जाकर प्रतियोगिताओं में भाग लेंगे. पदक जीतने में सबसे अधिक लड़कियों की प्रतिभागिता थी जिसे देखकर हर्ष होता है कि अब लड़कियां भी इन खेलों में अपना भविष्य तलाश रही है.
कराटे में बनाएंगे करियर
मेडल जीत कर आए 8 वर्षीय अखिल कुमार ने बताया कि वह पिछले चार महीने से इस टूर्नामेंट का इंतजार कर रहे थे. इस टूर्नामेंट में उन्हें रजत पदक मिला है. आगे चल कर वह इसी खेल में अपना भविष्य बनाएंगे. कराटे सीखने के लिए प्रशिक्षकों का होना बेहद जरूरी है और सभी को ऐसे खेलों में भाग लेना चाहिए.
वहीं 18 वर्षीय अंकित कुमार यादव ने बताया कि इस टूर्नामेंट की तैयारी व पिछले चार महीना से कर रहे थे. टूर्नामेंट में उन्हें गोल्ड मेडल प्राप्त हुआ है. इसकी तैयारी बेहद मेहनत भरी है कई खिलाड़ी ऐसे होते जो खेलते-खेलते बेहोश हो जाते हैं लेकिन अपने खेल को जारी रखते हैं. मेहनत के बदौलत ही मेडल प्राप्त होता है.
