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Dadri Mela Ballia News : बलिया में लगने वाले ददरी मेले को लेकर उत्साह एक बार फिर परवान चढ़ रहा है. महर्षि भृगु के शिष्य दर्दर मुनि के नाम पर लगने वाला ये मेला अपनी भव्यता के लिए पूरे देश में मशहूर रहा है. ददरी मेला कार्तिक पूर्णिमा से शुरू हो जाएगा. इस बार इसमें पशु मेला भी लगेगा, जो कई सालों से बाधित था. लोकल 18 से बलिया के इतिहासकार डॉ. शिवकुमार सिंह कौशिकेय बताते हैं कि ददरी मेले का असली दिल इसका पशु मेला ही है. एक समय था जब यहां पुणे, हरियाणा, पंजाब और नेपाल तक से पशु व्यापारी पहुंचते थे. करोड़ों-अरबों रुपये का कारोबार होता था.
बलिया. भृगु दर्दर क्षेत्र बलिया की ऐतिहासिक धरती पर लगने वाले प्रसिद्ध ददरी मेले को लेकर उत्साह एक बार फिर परवान चढ़ रहा है. सनातन संस्कृति और आध्यात्मिक परंपरा के इस आयोजन का इतिहास बेहद पुराना है. महर्षि भृगु के परम शिष्य दर्दर मुनि के नाम पर लगने वाला ये मेला अपनी भव्यता के लिए मशहूर रहा है. ददरी मेला कार्तिक पूर्णिमा से शुरू हो जाता है. मेले की रौनक और इसका सांस्कृतिक महत्व सदियों पुराना है. ददरी मेले से पहले लगने वाला पशु मेला, जो कई सालों से किन्हीं परिस्थितियों में नहीं लग पा रहा था, वो भी इस बार लगने जा रहा है. इसे ददरी मेले की धड़कन कहा जाता है.
सोनपुर मेले जैसा
लोकल 18 से बलिया के इतिहासकार डॉ. शिवकुमार सिंह कौशिकेय बताते हैं कि ददरी मेले का असली दिल इसका पशु मेला होता है, जिसे वैश्विक मान्यता प्राप्त थी. कोरोना काल और दूसरे कारणों से पिछले कुछ वर्षों से पशु मेले का आयोजन बाधित रहा है. लेकिन एक समय था जब यहां पुणे, हरियाणा, पंजाब और नेपाल तक से पशु व्यापारी पहुंचते थे. गाय, भैंस, बछड़े, बैल और गधों की खरीद-बिक्री से यह मेला करोड़ों और अरबों रुपये के कारोबार का केंद्र बनता था. सोनपुर के मेले की तर्ज पर बलिया का यह पशु मेला उत्तर प्रदेश और बिहार के व्यापार का एक बहुत बड़ा स्तंभ रहा है. नगर पालिका परिषद और जिला प्रशासन के प्रयासों से इसके पुनरुद्धार से क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी.
कब लगेगा मीना बाजार
नगर पालिका परिषद बलिया के अध्यक्ष संत कुमार गुप्ता उर्फ मिठाई लाल बताते हैं कि वर्ष 2026 के विराट पशु मेले के आगाज की तैयारियां अभी से शुरू हो चुकी हैं. दीपावली के पावन पर्व के दिन से ही इसकी विधिवत शुरुआत हो जाएगी, जिसमें उत्तम नस्लों के पशुओं की खरीद बिक्री होगी. जिला प्रशासन के संरक्षण और नगर पालिका के प्रायोजन में इस बार मेले को भव्य और आकर्षक रूप दिया जाएगा. संत कुमार गुप्ता कहते हैं कि मेले में दीपावली के बाद से ही लोगों का आना शुरू हो जाता है और छठ पूजा के बाद यह मेला अपने पूरे यौवन पर होता है. पशु मेले के मुख्य चरण के संपन्न होने के बाद कार्तिक पूर्णिमा के ठीक बाद 23 से 24 नवंबर की रात से ददरी मेले में प्रसिद्ध मीना बाजार का आगाज होगा. यह ऐतिहासिक मेला 26 से 27 दिनों तक चलेगा, जिसमें दूर-दूर से आने वाले सैलानियों को मनोरंजन और खरीदारी के अभूतपूर्व मौके मिलेंगे.
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प्रियांशु को एक दशक से ज्यादा हो गए पत्रकारिता में. 2015 में भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC), दिल्ली से जर्नलिज्म की पढ़ाई पूरी कर अमर उजाला (प्रिंट, नोएडा ऑफिस) से अपने करियर की शुरुआत की. यहां लंबे समय तक हरिया…



