उज्जैन में सड़क चौड़ीकरण की जद में आए करीब 200 साल पुराने खड़े हनुमान मंदिर की प्रतिमा को शिफ्ट करने के चार प्रयास विफल रहे हैं। इस पर साध्वी हर्षा रिछारिया ने कहा कि खड़े हनुमान यहां से नहीं जाना चाहते। उन्होंने चेतावनी दी कि प्रतिमा को हटाने का पांचवां प्रयास हुआ तो सनातनी अनशन पर बैठेंगे।

खड़े हनुमान यहां से नहीं जाना चाहते, हर्षा रिछारिया ने दी अनशन पर बैठने की धमकी
मध्यप्रदेश की धार्मिक एवं प्राचीन नगरी उज्जैन में सड़क चौड़ीकरण का काम जारी है। इस जद में सराफा-छत्रीचौक स्थित करीब 200 साल पुराने खड़े हनुमान मंदिर की प्रतिमा भी आ रही है। प्रशासन इसे शिफ्ट करने की कोशिश में जुटी है, लेकिन चार प्रयास विफल रहे हैं। इन असफल प्रयासों पर साध्वी हर्षा रिछारिया ने बड़ा बयान देते हुए कहा- खड़े हनुमान यहां से नहीं जाना चाहते हैं। इसके बाद धमकी भी दी कि अगर पाँचवाँ प्रयास किया गया, तो वो धरना पर बैठेंगी।
खड़े हनुमान यहां से नहीं जाना चाहते
हम हर हाल में सरकार के साथ हैं। हम नहीं चाहते कि हमारी वजह से आने वाले कुंभ के निर्माण में और उसकी व्यवस्था में कोई भी गलती, कमी या भूल चूक का दोष हम अपने ऊपर बिल्कुल नहीं लेना चाहते हैं। हम सरकार के साथ हैं। पूरे शहर में निर्माण और चौड़ीकरण का काम चल रहा है। हम उसमें सहयोग कर रहे हैं। लेकिन, एक मंदिर ऐसा सामने आया है, जिसमें कलयुग के जीवंत भगवान ने हमें बताया है कि वो यहां से नहीं जाना चाहते हैं।
हर्षा रिछारिया ने दी अनशन पर बैठने की धमकी
चार प्रयास में उन्होंने यह स्पष्ट कर दिया है। इससे ज्यादा और क्या स्पष्टीकरण हमको चाहिए है। इसलिए हम चाहते हैं कि पाँचवाँ प्रयास न करें और यहां पर जो मंदिर क्षतिग्रस्त किया गया है, उस मंदिर में पूजा करके क्षमा याचना करें और यहां भव्य मंदिर निर्माण का संकल्प लें। इसके बाद चेतावनी देते हुए कहा- अब अगर पाँचवाँ प्रयास हुआ, तो हम सब सनातनी यहां पर अनशन पर बैठेंगे।
प्रशासन की योजना विफल, दिल्ली से मंगाई स्कैनिंग मशीनें
प्रशासन ने मंदिर को अन्य स्थान पर स्थानांतरित करने की योजना बनाई है। पिछले कई दिनों से प्रतिमा को सुरक्षित तरीके से शिफ्ट करने के प्रयास किए जा रहे हैं। मंदिर का ढांचा हटाने के बाद पुरातत्व विभाग के विशेषज्ञों ने भी प्रतिमा को निकालने का प्रयास किया, लेकिन सफलता नहीं मिली। प्रतिमा को नुकसान से बचाने के लिए अब दिल्ली से स्कैनिंग मशीन मंगाई गई है। इसके माध्यम से प्रतिमा की स्थिति का परीक्षण कर उसे सुरक्षित तरीके से निकालने की प्रक्रिया तय की जाएगी।
प्रतिमा का वजन 3 टन, मशीन के बिना विस्थापन संभव नहीं
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार खड़े हनुमान की प्रतिमा करीब तीन टन वजनी है और इतनी भारी प्रतिमा को बिना मशीनी सहायता के उठाना संभव नहीं है। फिलहाल नगर निगम द्वारा मशीन का उपयोग नहीं किया गया है। प्रशासन प्रतिमा की शिफ्टिंग में पूरी सावधानी बरत रहा है। अधिकारियों का कहना है कि धार्मिक प्रतिमा से जुड़ा मामला होने के कारण सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए सुरक्षित तरीके से कार्रवाई की जा रही है।



