ग्रामीणों ने कहा कि किसी बुजुर्ग के साथ इस तरह का व्यवहार न केवल उसकी गरिमा का अपमान है, बल्कि पूरे गांव और समाज के सम्मान को ठेस पहुंचाने वाला है। जिसके बाद इस घटना का वीडियो वायरल होने के बाद बुधवार को पटवारी को निलंबित भी कर दिया गया।
मध्य प्रदेश के सीधी जिले से एक अमानवीय और मानवता को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है। यहां एक पटवारी जब एक घर और जमीन का सर्वे करने के लिए एक गांव में पहुंचा तो एक छोटा नाला पार करने के लिए एक बुजुर्ग की पीठ पर सवार हो गया। जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया और वीडियो को देखने के बाद लोगों का गुस्सा भड़क उठा। जिसके बाद पटवारी को निलंबित कर दिया गया।
एक अधिकारी ने बुधवार को इस मामले की जानकारी देते हुए बताया कि यह मामला जिले की गोपद बनास तहसील के माटा ग्राम पंचायत का है, जहां पटवारी नीलेश नामदेव बुजुर्ग लालवा केवट के घर और जमीन का सर्वे करने पहुंचा था। वायरल वीडियो में पटवारी बुजुर्ग की पीठ पर सवार होकर एक छोटा नाला पार करते दिख रहा है।
गोपद बनास की उप विभागीय मजिस्ट्रेट (एसडीएम) प्रिया पाठक ने संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि वीडियो संज्ञान में आने के बाद मामले की जांच की गई और पटवारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया।
ग्रामीणों के मुताबिक बुजुर्ग के घर तक पहुंचने के रास्ते में छोटा नाला पड़ता है और उसे पार करने में जूते ना भीग जाए, इसलिए पटवारी ने बुजुर्ग से कहा कि उसे नदी के दूसरी तरफ पहुंचाया जाएगा तभी वह घर और जमीन का सर्वे कर सकेगा। उन्होंने कहा कि इस पर बुजुर्ग ने पटवारी को अपनी पीठ पर बैठाकर नदी पार कराई, जिसका कुछ लोगों ने वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर साझा कर दिया। ग्रामीणों के मुताबिक पटवारी, बुजुर्ग केवट के घर और फसल को जंगली जानवरों से हुए नुकसान का सर्वे करने पहुंचा था।
इस घटना का जो वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है, उसमें जींस और जैकेट पहने वह शख्स 65 वर्षीय बुजुर्ग की पीठ पर सवार नजर आ रहा है और बुजुर्ग उसे नाला पार कराते दिख रहा है। इस वीडियो के वायरल होने के बाद लोगों ने सोशल मीडिया पर इस पटवारी की क्लास लगा दी और उसकी जमकर खिंचाई की।
सोशल मीडिया पर इस घटना का वीडियो देखकर मलकीत सिंह नाम के शख्स ने लिखा, ‘भारत में बहुत बेरोजगारी है इस पटवारी को सेवा से बर्खास्त कीजिए और युवाओ को मोका दीजिए’। वहीं एक अजहर खान नाम के एक अन्य यूजर ने लिखा, ‘जूतों से ज्यादा कीमत इंसान की होती हैं….शायद ये इस बात को भूल गया है।’
इस वीडियो को देखकर अंजु नाम की एक यूजर ने लिखा, ‘जिस अफसर को जनता की सेवा के लिए जनता के बीच होना था, वह जनता की पीठ को ही पुल समझ बैठा। जूते बच गए… मगर व्यवस्था की इज्जत फिर कीचड़ में धंस गई।’ रणजीत कुमार नाम के एक यूजर ने लिखा, ‘वजन भी सरकारी बाबू का ज्यादा है, लगता है बाबु ज्यादा खा रहे है जिससे वजन बढ़ गया है। वजन तो कम होना चाहिये, ताकि बुजर्ग पर कुछ रहम वजन कम से भी होता’।



