मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने ग्वालियर शहर की बदहाल सड़कों को लेकर नाराजगी जताते हुए सख्त चेतावनी दी है। कोर्ट ने कहा है कि गड़बड़ी मिली तो अधिकारी और कर्मचारी पर क्रिमिनल केस भी दर्ज किया जा सकता है।
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की ग्वालियर बेंच ने ग्वालियर शहर की बदहाल और गड्ढों में तब्दील हो चुकी सड़कों को लेकर बेहद सख्त रुख अपनाया है। हाईकोर्ट ने एक जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान सरकारी सिस्टम, अधिकारियों और ठेकेदारों को जमकर फटकार लगाई। हाईकोर्ट ने साफ कर दिया कि सड़क निर्माण की गुणवत्ता जांच में गड़बड़ी मिली तो जिम्मेदार अधिकारियों और ठेकेदारों के खिलाफ सिविल के साथ क्रिमिनल केस भी दर्ज हो सकता है।
डबल इंजन सरकार फिर भी सड़कें बदहाल क्यों?
सड़कों की बदहाली पर हाईकोर्ट ने सख्त टिप्पणी करते हुए कहा कि 100 रुपए आए और 10 खर्च हुए तो कार्रवाई पक्की समझो। कोर्ट ने अपने फैसले में प्रशासनिक व्यवस्था पर भी सवाल उठाया और कहा कि प्रदेश में डबल इंजन की सरकार है, फिर भी शहर की सड़कों की हालत ऐसी क्यों है।
हाईकोर्ट ने सड़क का सैंपल लेने को की सख्त व्यवस्था
अब सड़क निर्माण की गुणवत्ता जांच सिर्फ कागजी रिपोर्ट के भरोसे नहीं होगी। हाईकोर्ट ने सैंपलिंग की प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए सख्त व्यवस्था तय की है। अधिकारियों और ठेकेदारों को पहले से यह जानकारी नहीं होगी कि किस सड़क का सैंपल लिया जाना है। 30 अगस्त, 3 सितंबर और 6 सितंबर को अलग-अलग सड़कों से सैंपल लिए जाएंगे। खास बात यह होगी कि जिस सड़क का सैंपल लिया जाना है, उसकी जानकारी सैंपलिंग से महज 30 मिनट पहले दी जाएगी। यानी सड़क की स्थिति सुधारने या किसी तरह की लीपापोती करने का मौका नहीं मिलेगा।
सैंपल को निष्पक्ष जांच के लिए लैब भेजा जाएगा
सैंपलिंग के दौरान वकीलों के विशेष जांच कमीशन के साथ तकनीकी विशेषज्ञों की टीम भी मौके पर मौजूद रहेगी। इस दौरान मौके पर लिए गए सैंपल को निष्पक्ष लैब जांच के लिए वहीं सील किया जाएगा। हाईकोर्ट का यह पूरा सिस्टम सड़क निर्माण में गुणवत्ता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए है। अगर जांच में गड़बड़ी सामने आती है तो संबंधित अधिकारियों और ठेकेदारों की जवाबदेही तय होगी और जरूरत पड़ने पर आपराधिक कार्रवाई भी की जा सकती है। यानी अब ग्वालियर की सड़कों की जांच सिर्फ फाइलों और रिपोर्टों तक सीमित नहीं रहेगी। हाईकोर्ट की निगरानी में होने वाली सैंपलिंग से यह तय होगा कि सड़क पर खर्च हुआ पैसा जमीन पर कितना दिखाई देता है और गुणवत्ता के मानकों पर सड़क कितनी खरी उतरती है।
बता दें कि, ग्वालियर में काफी समय से खराब पड़ी सड़कों को लेकर लोगों में काफी नाराजगी है। लोग जनप्रतिनिधियों से इन्हें बनाने की मांग करते रहते हैं।



