यूपी सरकारी स्कूलों की बदहाली का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल करना अब महंगा पड़ रहा है। मेरठ में स्कूल की व्यवस्थाओं का वीडियो बनाकर वायरल करने के मामले में दो युवकों का चालान कर दिया गया। वहीं, देवरिया में युवक पर केस हो हया।
UP News: यूपी में शासन के आदेश पर अब सरकारी स्कूलों की बदहाली का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर डालना महंगा पड़ने लगा है। एक तरफ जहां मेरठ में दो युवकों का चालान कर दिया गया। वहीं, देवरिया में युवक के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया। दरअसल, मेरठ में कांग्रेस नेता के बेटे और उसके साथी को सरूरपुर ब्लॉक के कालंद गांव स्थित उच्च प्राथमिक विद्यालय की बदहाल व्यवस्थाओं का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर डाल दी। इसे संज्ञान में लेते हुए एबीएसए ने दोनों के खिलाफ थाने में तहरीर दी, जिसके आधार पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया। रविवार को पुलिस ने कांग्रेस नेता के पुत्र और उसके साथी को पकड़ा। फिर चालान कर दिया। वीडियो करीब एक मिनट 20 सेकंड की थी।
कांग्रेस नेता जितेंद्र पांचाल के बेटे संयम पांचाल ने अपने दोस्त अयान मिर्जा के साथ 15 अगस्त को सरूरपुर ब्लॉक के कालंद गांव में पहुंचकर वहां के उच्च प्राथमिक विद्यालय की वीडियो बनाई थी। जिसमें बताया था कि विद्यालय करीब 30 साल पुराना है और वर्तमान में यहां करीब 104 बच्चे पढ़ाई करते हैं। वीडियो में संयम पांचाल ने विद्यालय की व्यवस्थाओं को लेकर सवाल उठाते हुए पेयजल स्थल और शौचालयों की स्थिति दिखाई थी। इतना ही नहीं स्कूल के पिछले हिस्से को भी दिखाया था, जिसमें गंदगी पसरी हुई थी। बाद में संयम ने वीडियो को अपने पिता जितेंद्र पांचाल के फेसबुक अकाउंट से अपलोड किया था। कुछ ही देर बाद ये वीडियो वायरल हुआ था। मामला संज्ञान में आने पर एबीएसए सरधना सुदर्शन लाल ने शनिवार को थाने में संयम पांचाल सहित दो युवकों के खिलाफ थाने में तहरीर दी थी।
देवरिया में युवक के खिलाफ केस दर्ज
उधर, देवरिया जिले से भी कुछ ऐसा ही मामला सामने आया। जहां छुट्टी के दिन परिषदीय स्कूल में घुसकर निष्प्रयोज्य भवन के मलबे और कुछ अव्यवस्थाओं का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर शेयर करना एक युवक को महंगा पड़ गया। मुख्यमंत्री की सख्ती के बाद खंड शिक्षा अधिकारी ने थाने में युवक के विरुद्ध केस दर्ज कराया है।
गौरी बाजार थाना क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय डमरभिसवा का एक वीडियो सोशल मीडिया पर रजत सिंह नाम के एक युवक ने शेयर किया है। वीडियो में प्राथमिक विद्यालय में अव्यवस्थाएं नजर आ रही हैं। उसके बाद खंड शिक्षा अधिकारी गौरी बाजार विनयशील मिश्र ने थानाध्यक्ष को शनिवार की रात तहरीर दी। इसमें आरोप लगाया है कि 16 अगस्त (रविवार) को अवकाश दिन प्राथमिक विद्यालय डमरभिसवा का ताला बंद था। बिना किसी सक्षम अधिकारी से अनुमति लिए चहारदीवारी फांद कर एक युवक अनधिकृत रूप से विद्यालय परिसर में घुस गया। वहां नीलामी के बाद ध्वस्तीकरण कराए गए निष्प्रयोज्य भवन का कुछ मलबा कोने में पड़ा हुआ था। उसे हटाने की प्रक्रिया स्कूल द्वारा जारी थी और अब पूरी तरह से हटा लिया गया है।
विभाग की छवि धूमल करने की कोशिश
अधिकारियों के मुताबिक विभाग की छवि धूमिल करने की नीयत से उसी मलबे का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया के माध्यम से दुष्प्रचारित किया गया,जबकि विद्यालय कायाकल्प योजना के अंतर्गत है। इस मामले में रजत सिंह के विरुद्ध पुलिस ने केस दर्ज किया है। सोशल मीडिया पर प्राथमिक विद्यालयों के वीडियो लगातार शेयर होने के बीच बीएसए देवरिया ने चार दिन पहले एक पत्र जारी किया। जिसमें यूट्यूबर या किसी भी व्यक्ति के वीडियो बनाने पर रोक लगाई गई है। ऐसे लोगों के विरुद्ध कार्रवाई करने की भी चेतावनी दी गई है। इस बीच शनिवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी इस संदर्भ में सख्त कार्रवाई के निर्देश पूरे प्रदेश में दिए हैं। उसके बाद जिले में यह मुकदमा दर्ज कराया गया है।



