इस मौके पर मुख्यमंत्री ने बताया कि नई लाइन समेत रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर के विस्तार से ग्वालियर-चंबल क्षेत्र और मालवा के बीच कनेक्टिविटी मजबूत होगी। साथ ही इंदौर-मनमाड़ रेल परियोजना से गुना, ग्वालियर होते हुए मालवा तक नया इंडस्ट्रियल बेल्ट विकसित होगा, जो मध्यप्रदेश के औद्योगिक विकास को नई गति देगा।
केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने मध्य प्रदेश को एक बड़ी सौगात देते हुए राज्य में गेज-बदलाव वाले नवनिर्मित कैलारस-सबलगढ़-बीरपुर ब्रॉडगेज रेल सेक्शन का वर्चुअल उद्घाटन किया और ग्वालियर-कैलारस ट्रेन सेवा को बीरपुर तक बढ़ाने के लिए उसे हरी झंडी दिखाई। इस विस्तार से बीरपुर, विजयपुर और सबलगढ़ के बीच ग्वालियर से सीधी रेल कनेक्टिविटी मिलेगी, जिससे लोगों, खासकर ग्रामीण और आदिवासी इलाकों के लोगों के लिए यात्रा के सस्ते और सुविधाजनक विकल्प उपलब्ध होंगे। इस दौरान केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव भी वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से मौजूद रहे और उन्होंने भी हरी झंडी दिखा कैलारस-सबलगढ़-बीरपुर रेलखंड का उद्घाटन किया और ग्वालियर-कैलारस ट्रेन के बीरपुर स्टेशन तक विस्तार को हरी झंडी दिखाई।
अधिकारियों ने बताया कि इस नई रेल कनेक्टिविटी से शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा और रोजगार के अवसरों के लिए ग्वालियर तक पहुंच बेहतर होने की उम्मीद है, साथ ही इस क्षेत्र में स्थानीय व्यापार और आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा। इस मौके पर मंगलवार को कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वैष्णव ने कहा कि 56 किलोमीटर लंबे गेज-बदलाव वाले कैलारस-बीरपुर सेक्शन का उद्घाटन ग्वालियर-चंबल क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
उन्होंने कहा कि इस प्रोजेक्ट से मुरैना जिले की बामोर, जौरा, कैलारस और सबलगढ़ तहसीलों और श्योपुर जिले की बीरपुर, श्योपुर और कराहल तहसीलों के 100 से अधिक गांवों के निवासियों को लाभ होगा। वैष्णव ने कहा कि रेल कनेक्टिविटी को आगे श्योपुर कलां और अंततः कोटा तक बढ़ाया जाएगा, जिससे यह क्षेत्र प्रमुख शैक्षिक और औद्योगिक केंद्रों से जुड़ जाएगा।
उन्होंने कहा कि 117 किलोमीटर लंबे बिरलानगर-बीरपुर सेक्शन पर काम तेजी से आगे बढ़ा है, और बीरपुर से सेरोनी रोड (37 किलोमीटर) और सेरोनी रोड से श्योपुर कलां (33 किलोमीटर) के अगले सेक्शन पूरे होने के करीब हैं। रेल मंत्री ने उम्मीद जताई कि जल्द ही पूरी ग्वालियर-श्योपुर कलां रेलवे लाइन का काम पूरा हो जाएगा और आने वाले महीनों में इसे जनता के लिए खोल दिया जाएगा।
मध्य प्रदेश में रेलवे के विकास पर प्रकाश डालते हुए वैष्णव ने कहा कि राज्य के लिए रेलवे बजट 2009-14 के दौरान 632 करोड़ रुपए से बढ़कर 2026-27 में 15,188 करोड़ रुपए हो गया है। उन्होंने कहा कि राज्य में वर्तमान में लगभग 1.55 लाख करोड़ रुपए की रेलवे परियोजनाएं चल रही हैं। उन्होंने यह भी बताया कि मध्य प्रदेश में 80 रेलवे स्टेशनों का फिर से विकास किया जा रहा है, पांच वंदे भारत ट्रेनें चल रही हैं और सात अमृत भारत ट्रेनें शुरू की गई हैं।
सिंधिया ने कैलारस से बीरपुर तक रेलवे लाइन के विस्तार को ग्वालियर-चंबल क्षेत्र के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि इस प्रोजेक्ट से शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा और अन्य ज़रूरी सेवाओं तक पहुंच बेहतर होगी। उन्होंने कहा कि कैलाारस सेक्शन में अभी हर दिन लगभग 10,000 लोगों को सेवा देने वाली यह रेलवे लाइन, बीरपुर तक विस्तार के बाद और ज्यादा लोगों के लिए फायदेमंद होगी।
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि इंदौर-मनमाड नई लाइन समेत रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर के विस्तार से ग्वालियर-चंबल क्षेत्र और मालवा के बीच कनेक्टिविटी मजबूत होगी। उन्होंने कहा कि बेहतर रेल कनेक्टिविटी से बैटरी एनर्जी स्टोरेज, फुटवियर, हाइड्रोजन मैन्युफैक्चरिंग और अन्य उभरते उद्योगों जैसे सेक्टर में औद्योगिक विकास, पर्यटन और रोजगार के मौकों को बढ़ावा मिलेगा। इस कार्यक्रम में मध्य प्रदेश विधानसभा के स्पीकर नरेंद्र सिंह तोमर और मुरैना से सांसद शिवमंगल सिंह तोमर के साथ-साथ अन्य गणमान्य व्यक्ति भी शामिल हुए।
इस बारे में सोशल मीडिया पर जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री मोहन यादव ने सोशल मीडिया पर लिखा, ‘भोपाल से वर्चुअली ‘कैलारस–सबलगढ़–बीरपुर रेलखंड’ के उद्घाटन कार्यक्रम में, माननीय केंद्रीय रेल मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव जी, माननीय विधानसभा अध्यक्ष श्री नरेंद्र सिंह तोमर जी एवं माननीय केंद्रीय मंत्री श्री ज्योतिरादित्य सिंधिया जी के साथ सहभागिता की। इस अवसर पर ग्वालियर–कैलारस ट्रेन के बीरपुर तक विस्तार को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।’
आगे उन्होंने कहा, ‘इस रेल परियोजना से चंबल-ग्वालियर क्षेत्र में बेहतर रेल कनेक्टिविटी के साथ पर्यटन, रोजगार, व्यवसाय और समग्र विकास को नई गति मिलेगी। साथ ही इंदौर-मनमाड़ रेल परियोजना से गुना, ग्वालियर होते हुए मालवा तक नया इंडस्ट्रियल बेल्ट विकसित होगा, जो मध्यप्रदेश के औद्योगिक विकास को नई गति देगा।’



