छात्र आंदोलन की अगुवाई कर रहे JPSC-JSSC रिफॉर्म्स मंच ने मुख्यमंत्री आवास के घेराव की योजना बनाई थी। अब सभी भर्ती परीक्षाएं रद्द किए जाने के लिए छात्रों ने बड़ा ऐलान किया है।
झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों के खिलाफ आंदोलन कर रहे छात्रों ने 20 अगस्त को मुख्यमंत्री आवास घेराव का प्लान रद्द कर दिया है। भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों को लेकर आंदोलन की अगुवाई कर रहे JPSC-JSSC रिफॉर्म्स मंच ने मुख्यमंत्री आवास के घेराव की योजना बनाई थी और राज्य भर के छात्रों से रांची में इकट्ठा होने की अपील की थी। सोमवार को ख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने 2014 से आउटसोर्स एजेंसी टीएसआर डेटा प्रोसेसिंग प्राइवेट लिमिटेड (टीडीपीएल) के माध्यम से आयोजित जेएसएससी-सीजीएल परीक्षा समेत सभी भर्ती परीक्षाएं को रद्द करने की घोषणा की थी जिसके बाद अब छात्रों ने भी घेराव का प्लान रद्द कर दिया है। इसी बीच पिछेल 16 दिनों से अनशन पर बैठे जेएलकेएम नेता देवेंद्र महतो सहित तीन प्रदर्शनकारियों ने अपना अपनी भूखहड़ताल भी खत्म कर दी है। ।
सोमवार को राज्य सचिवालय में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में मंत्रिमंडल की लंबी बैठक के बाद परीक्षा रद्द करने की घोषणा की गई थी। उन्होंने यह भी कहा कि वरिष्ठ आईएएस अधिकारी अमिताभ कौशल की अध्यक्षता वाली परीक्षा सुधार समिति भर्ती परीक्षाओं की प्रक्रिया को मजबूत करने के उपाय सुझाएगी। सोरेन ने मंत्रिमंडल की बैठक के बाद संवाददाताओं से कहा, सरकार ने झारखंड कर्मचारी चयन आयोग-संयुक्त स्नातक स्तर (जेएसएससी-सीजीएल) परीक्षा रद्द करने का फैसला किया है, जो प्रदर्शन कर रहे छात्रों की मुख्य मांगों में से एक थी। हमने आउटसोर्स एजेंसी टीडीपीएल द्वारा आयोजित सभी परीक्षाओं और उसके द्वारा जारी नतीजों को भी रद्द करने का फैसला किया है। मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद छात्रों को जश्न मनाते और तिरंगा लहराते हुए देखा गया। सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने वीडियो कॉल के जरिए महतो को बधाई दी और सरकार के फैसले को सभी की जीत बताया।
सीबीआई जांच को लेकर क्या बोले छात्र
उन्होंने कहा, ऐसा लगता है कि यह ऐसी जीत है जिसमें किसी की हार नहीं हुई। आपकी जीत हुई और सरकार की भी, क्योंकि सरकार भी अच्छा करना चाहती है। इसलिए यह ऐसी जीत है जिसमें दूसरे पक्ष को हार का सामना नहीं करना पड़ा। यह सभी की जीत है, भारत की, जनता की और झारखंड की जीत। हालांकि, सोमवार रात सरकार के इस फैसले के बावजूद आंदोलन समाप्त नहीं हुआ। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि उनकी प्रमुख मांग कथित परीक्षा अनियमितताओं की सीबीआई से जांच कराना है, जिसे सरकार ने स्वीकार नहीं किया है।
सदर अस्पताल में इलाज करा रहे प्रदर्शनकारी राहुल क्रांति ने कहा कि जब तक सरकार सीबीआई जांच की मांग स्वीकार नहीं करती, आंदोलन जारी रहेगा। झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री चंपई सोरेन ने मंगलवार को छात्रों को आंदोलन के पहले चरण में संघर्ष के जरिए जीत हासिल करने पर बधाई दी। उन्होंने एक बयान में कहा, इस आंदोलन के पहले चरण में संघर्ष के जरिए मिली जीत पर आप सभी को हार्दिक बधाई और आपके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं। वहीं मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार छात्रों के आंदोलन को लेकर चिंतित है और उसने ऐसी समस्याओं से निपटने के लिए पहले ही ‘झारखंड प्रतियोगी परीक्षा (भर्ती में अनुचित साधनों की रोकथाम और निवारण) अधिनियम’ लागू कर दिया है।
सीआईडी की जांच में चौंकाने वाले खुलासे
हेमंत सोरेन ने कहा, सीआईडी और विशेष अन्वेषण टीम की ओर से परीक्षा में गड़बड़ी की जांच के दौरान कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। अभी इनका खुलासा नहीं किया जा सकता। उन्होंने यह भी कहा कि झारखंड में संचालित हो रही कई कंपनियां एक बड़े परीक्षा गिरोह में शामिल प्रतीत हो रही हैं।
भाषा से इनपुट



