Twisha Sharma suicide case: ट्विशा शर्मा की मौत के मामले में CBI ने पति समर्थ सिंह और सास गिरिबाला सिंह के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है। एजेंसी ने 7 अहम सबूतों का जिक्र किया है। इस आधार पर पूरी कहानी सामने आ रही है, आखिर ट्विशा ने आत्महत्या क्यों की थी।
Twisha Sharma suicide case: ट्विशा शर्मा की मौत के मामले में CBI ने पति समर्थ सिंह और सास गिरिबाला सिंह के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है। 636 पन्नों की चार्जशीट में एजेंसी ने आरोप लगाया है कि ट्विशा को लंबे समय तक मानसिक प्रताड़ना का सामना करना पड़ा था। इसी वजह ने ट्विशा को आत्महत्या करने के लिए मजबूर किया। CBI ने अपने दावे के समर्थन में व्हाट्सऐप चैट, काउंसलिंग रिकॉर्ड, गवाहों के बयान, डिजिटल और फोरेंसिक साक्ष्यों समेत कई चीजों को जांच का हिस्सा बनाया है।
1. व्हाट्सऐप चैट और फोन कॉल
CBI ने ट्विशा के व्हाट्सऐप मेसेजों और फोन कॉल्स को अहम सबूत माना है। जांच के मुताबिक, ट्विशा ने अपने परिवार और रिश्तेदारों से कथित तौर पर लगातार मानसिक परेशानी की बात कही थी। उन्होंने खुद को फंसा हुआ महसूस करने, ससुराल छोड़ने और परिवार से मदद लेने की इच्छा भी जाहिर की थी। मौत से कुछ दिन पहले की बातचीत भी जांच का हिस्सा बनी।
2. काउंसलिंग से सामने आई रिश्ते की स्थिति
CBI ने दंपती की काउंसलिंग से जुड़े रिकॉर्ड भी जुटाए। चार्जशीट के मुताबिक, एक काउंसलिंग के दौरान समर्थ ने बताया था कि वह और ट्विशा मारिजुआना का सेवन करते थे। काउंसलर ने उन्हें पत्नी की बात ध्यान से सुनने, धैर्य रखने और साथ समय बिताने की सलाह दी थी। एजेंसी ने इसे वैवाहिक रिश्ते में मौजूद तनाव के संदर्भ में देखा है।
3. करीब 20 लाख रुपये के निवेश का विवाद
CBI के अनुसार, ट्विशा पर अपने डीमेट खाते में मौजूद करीब 20 लाख रुपये के इन्वेस्टमेंट को पति के साथ ज्वाइंट खाते में ट्रांसफर करने का कथित दबाव बनाया गया था। आरोप है कि ट्विशा ने ऐसा करने से इनकार किया, जिसके बाद मानसिक प्रताड़ना और बढ़ गई।
4. प्रेग्नेंसी और गर्भपात को लेकर विवाद
चार्जशीट में अप्रैल 2026 में ट्विशा के गर्भवती होने का भी जिक्र है। CBI के मुताबिक, वह कथित प्रताड़ना और बिगड़ते वैवाहिक रिश्ते के कारण प्रेग्नेंसी जारी रखने को लेकर असमंजस में थीं। बाद में प्रेग्नेंसी टर्मिनेट करने के फैसले को लेकर भी परिवार में तनाव बढ़ने का आरोप है। पहले की जांच में सामने आए व्हाट्सऐप मेसेजों में भी इस मुद्दे को लेकर बातचीत का उल्लेख हुआ था।
5. परिवार से मदद की गुहार और नौकरी की इच्छा
CBI के मुताबिक, ट्विशा ने कई बार अपने माता-पिता और रिश्तेदारों से मदद मांगी। वह कथित तौर पर ससुराल से निकलना चाहती थीं और भोपाल से बाहर नौकरी करके अपना करियर दोबारा शुरू करने की इच्छा भी जताती थीं। एजेंसी ने इन बातचीत को उनकी मानसिक स्थिति समझने के लिए महत्वपूर्ण माना।
6. मनोवैज्ञानिक मूल्यांकन और गवाहों के बयान
जांच में फोरेंसिक मनोवैज्ञानिक मुल्यांकन और कई गवाहों के बयान भी शामिल किए गए। CBI के अनुसार, ट्विशा लगातार मनोवैज्ञानिक तनाव से गुजर रही थीं। उन्हें पर्याप्त मानसिक सपोर्ट नहीं मिल रहा था। परिवार और अन्य लोगों के बयानों को भी एजेंसी ने कथित मानसिक प्रताड़ना की कड़ी जोड़ने में इस्तेमाल किया।
7. CCTV और डिजिटल-फोरेंसिक साक्ष्य
CBI ने CCTV फुटेज, फोन और अन्य डिजिटल रिकॉर्ड की जांच की। एजेंसी ने घटनाक्रम को दोबारा तैयार करने के लिए फोरेंसिक परीक्षण और डिजिटल एनालिसिस भी किया। जांच में मौत से पहले और बाद की गतिविधियों तथा आरोपियों के संपर्कों को भी खंगाला गया।
CBI ने समर्थ सिंह और गिरिबाला सिंह पर कथित मानसिक क्रूरता और आत्महत्या के लिए उकसाने समेत संबंधित धाराओं के तहत आरोप लगाए हैं। हालांकि, चार्जशीट में लगाए गए आरोप अभी अदालत में साबित नहीं हुए हैं और अंतिम फैसला ट्रायल के दौरान होगा। CBI ने यह भी कहा है कि ट्विशा के आइफोन, सीसीटीवी, डीवीआर और वॉयस सैंपल से जुड़ी कुछ फोरेंसिक रिपोर्ट अभी आनी बाकी हैं।
दोनों पोस्टमार्टम में मौत का कारण फांसी से हुई मृत्यु बताया गया है। ऐसे में CBI का केस मुख्य रूप से यह साबित करने की कोशिश पर टिका है कि ट्विशा को कथित तौर पर लंबे समय तक जिस मानसिक प्रताड़ना का सामना करना पड़ा, उसने उन्हें आत्महत्या की ओर धकेला।



