घटना बिजौली थाना परिसर में बने सरकारी क्वार्टर की है। पूरन सिकरवार रात में अपने बिस्तर पर सो रहे थे। इसी दौरान सांप ने उन्हें दो बार डंस लिया। उनका शोर सुनकर अन्य पुलिसकर्मी तुरंत उनके पास पहुंच गए।
मध्य प्रदेश के ग्वालियर बिजौली थाने के हेड कॉन्सटेबल पूरन सिकरवार को देर रात बिस्तर में छिपे जहरीले कॉमन करैत सांप ने दो बार डस लिया। सांप के काटने के बाद उनकी हालत बिगड़ने लगी। गनीमत रही कि थाना प्रभारी और पुलिस स्टाफ ने समय रहते सूझबूझ दिखाई और उन्हें तुरंत अस्पताल पहुंचाया। इस दौरान सांप की पहचान और प्राथमिक सावधानियों की जानकारी के लिए AI की मदद भी ली गई। फिलहाल हेड कॉन्सटेबल की हालत स्थिर बताई जा रही है और उनकी सेहत में सुधार हो रहा है।
जानकारी के मुताबिक, घटना बिजौली थाना परिसर में बने सरकारी क्वार्टर की है। पूरन सिकरवार रात में अपने बिस्तर पर सो रहे थे। इसी दौरान बिस्तर में छिपे कॉमन करैत सांप ने उनके हाथ में दो जगह डंस लिया। सांप के काटने का अहसास होते ही उन्होंने शोर मचाकर आसपास मौजूद पुलिसकर्मियों को सूचना दी।
शोर सुनते ही क्वार्टर पहुंचा स्टाफ
शोर सुनकर थाना प्रभारी सौरभ श्रीवास्तव समेत थाने में मौजूद पुलिस स्टाफ तुरंत सरकारी क्वार्टर पहुंचा। मौके पर बिस्तर में सांप दिखाई दिया। थाना प्रभारी ने उसकी फोटो खींची और AI की मदद से प्राथमिक सावधानियों की जानकारी ली। इसके बाद पुलिसकर्मियों ने बिना समय गंवाए प्रधान आरक्षक को जयारोग्य अस्पताल पहुंचाया।
अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों को सांप की फोटो भी दिखाई गई। फोटो के आधार पर डॉक्टरों ने कॉमन करैत के काटने की आशंका को ध्यान में रखते हुए तुरंत इलाज शुरू किया। समय पर अस्पताल पहुंचने से हेड कॉन्सटेबल को जरूरी इलाज मिल सका।
अब कैसी हालत?
घटना की जानकारी मिलते ही ग्वालियर SSP धर्मवीर सिंह यादव भी अस्पताल पहुंचे और हेड कॉन्सटेबल के स्वास्थ्य की जानकारी ली। शुरुआती इलाज के बाद पूरन सिकरवार को बेहतर इलाज के लिए निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। डॉक्टरों के मुताबिक उनकी हालत अब स्थिर है और स्वास्थ्य में लगातार सुधार हो रहा है।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि बरसात के मौसम में सांप अक्सर घरों, सरकारी आवासों और अंधेरी जगहों में घुस जाते हैं। ऐसे में लोगों को खास सावधानी बरतने की जरूरत है। बिस्तर, कपड़े, जूते और घर में रखे सामान को इस्तेमाल करने से पहले अच्छी तरह जांच लेना चाहिए।इस घटना में पुलिस स्टाफ की तत्परता, समय पर अस्पताल पहुंचाने और इलाज मिलने से हेड कॉन्सटेबल की जान बच सकी। फिलहाल पूरन सिकरवार खतरे से बाहर बताए जा रहे हैं।
रिपोर्ट- अमित कुमार


