मध्य प्रदेश के विदिशा में स्कूल छात्रों के कथित फीस बढ़ोतरी के खिलाफ प्रदर्शन पर CJP संस्थापक अभिजीत दिपके ने प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने इसे दिल्ली के जंतर-मंतर छात्र आंदोलन से जोड़ते हुए कहा कि अब लोगों को धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे से जुड़े सवाल का जवाब मिल गया होगा।
मध्य प्रदेश के विदिशा में स्कूल छात्रों के कथित फीस बढ़ोतरी के खिलाफ प्रदर्शन को लेकर CJP के संस्थापक अभिजीत दिपके ने प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने इस प्रदर्शन को दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए छात्र आंदोलन से जोड़ते हुए कहा कि अब लोगों को उनके सवाल का जवाब मिल गया होगा। दिपके ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक न्यूज क्लिप शेयर करते हुए लिखा, “एक धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे से क्या होगा?
दिपके की यह प्रतिक्रिया मध्य प्रदेश के विदिशा में छात्राओं के प्रदर्शन की खबरों के बाद आई। साझा किए गए वीडियो में छात्राएं प्रदर्शन करते हुए नारे लगाती दिखाई दे रही हैं। इनमें ‘विधायक जी, हमारी बस फीस कम करो’ जैसे नारे शामिल हैं। दिपके ने संकेत दिया कि दिल्ली में शुरू हुआ छात्र आंदोलन अब दूसरे राज्यों में भी असर दिखा रहा है।
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे से जुड़ा छात्र आंदोलन
CJP ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर कथित NEET-UG पेपर लीक को लेकर करीब 37 दिनों तक छात्र प्रदर्शन किया था। यह आंदोलन 25 जुलाई को तत्कालीन शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद समाप्त हुआ। संगठन ने आंदोलन के दौरान अपनी अन्य मांगों को लेकर भी सरकार से आश्वासन मिलने का दावा किया था।
दिपके अब इस आंदोलन को अगले चरण में ले जाने की बात कर रहे हैं। उन्होंने 12 अगस्त को एक सार्वजनिक कार्यक्रम में कहा कि जंतर-मंतर आंदोलन का ‘सीजन 2’ जल्द शुरू होगा। उन्होंने बताया कि सोशल मीडिया पर लोग लगातार पूछ रहे थे कि ‘Jantar-Mantar Season 2’ कब शुरू होगा। इसके जवाब में उन्होंने कहा कि यह जल्द शुरू होने वाला है।
गांवों के सरकारी स्कूलों पर राष्ट्रव्यापी अभियान
इससे पहले 10 अगस्त को दिपके ने गांवों के सरकारी स्कूलों की स्थिति सुधारने के लिए राष्ट्रव्यापी अभियान की घोषणा की थी। CJP के मुताबिक, अभियान की शुरुआत 15 अगस्त से होगी। इसके तहत अभिभावकों से सरकारी स्कूलों में उपलब्ध बुनियादी सुविधाओं का सोशल ऑडिट कराने की अपील की जाएगी। वहीं, ग्राम प्रधानों से अपने गांव के स्कूलों की स्थिति सुधारने की जिम्मेदारी लेने का आग्रह किया जाएगा।
दिपके ने एक वीडियो संदेश में कहा कि वह इस अभियान की शुरुआत महाराष्ट्र के अपने गांव हिंगोली से करेंगे। उनका कहना था कि आजादी के 80 साल बाद भी गांवों के सरकारी स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं की कमी बनी हुई है।
उन्होंने सवाल उठाया कि देश में नई संसद और नया प्रधानमंत्री आवास बनाया जा सकता है, लेकिन गांवों में नए और बेहतर सरकारी स्कूल क्यों नहीं बनाए जा सके। उन्होंने कहा कि किसानों और मजदूरों के बच्चों को भी देश का भविष्य माना जाना चाहिए।
दिपके ने गांवों के बच्चों की मुश्किलों का जिक्र करते हुए कहा कि कई बच्चे आज भी लंबी दूरी तय करके स्कूल पहुंचते हैं और कई सरकारी स्कूलों में पीने के पानी और शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाओं की कमी है।
CJP का कहना है कि सरकारी स्कूलों की स्थिति सुधारने के अभियान के बाद छात्र आंदोलन को भी नए चरण में ले जाया जाएगा। ऐसे में मध्य प्रदेश में छात्रों के प्रदर्शन पर दिपके की टिप्पणी को संगठन की आगे की रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा है।

