तेजस्वी यादव ने एक बार फिर आरोप लगाया है कि बिहार सरकार का खजाना खाली है। सरकार के पास कर्मचारियों को सैलरी देने के पैसे भी नहीं है। ठेकेदारों का भुगतान भी लटका हुआ है।
बिहार के नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने एक बार फिर सरकारी खजाना खाली होने का आरोप लगाया है। उन्होंने दावा किया कि राज्य के कई सरकारी कर्मचारियों को अभी तक वेतन नहीं मिला है। राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के कार्यकारी अध्यक्ष तेजस्वी ने बुधवार को मीडिया से बातचीत में कहा कि बिहार गंभीर वित्तीय संकट से गुजर रहा है। सभी विकास कार्य ठप पड़े हैं। सम्राट चौधरी सरकार पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि सरकार गप्पेबाजी और घपलेबाजी में मस्त है।
तेजस्वी यादव ने कहा कि सरकार के पास ठेकेदारों को भुगतान करने का पैसा नहीं है। इतनी बुरी हालत हो गई है कि सरकारी कर्मचारियों को सैलरी देने तक के पैसे नहीं है। उन्होंने एनडीए सरकार को आरोप लगाते हुए कहा, “इन लोगों ने लूट मचाकर पूरा खजाना खाली कर दिया है। एक बार नहीं कई बार सवाल पूछ चुके हैं। बिहार में अब भी भ्रष्टाचार पनप रहा है और फैल रहा है। छोटे से छोटा काम भी बिना घूस दिए नहीं हो पा रहा है। कहीं कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। बिहार में ऐसे लग ही नहीं रहा कि सरकार है।“
पहले भी खजाना खाली होने का आरोप लगा चुके हैं तेजस्वी
बता दें कि विपक्ष पूर्व में भी कई बार सरकार पर खजाना खाली होने का आरोप लगा चुका है। बीते अप्रैल महीने में तेजस्वी यादव ने दावा किया था कि उन्हें खुद सैलरी नहीं मिली है। उन्होंने यह भी कहा कि कई मंत्री और विधायकों का वेतन भी सरकार ने नहीं दिया है। हालांकि, बिहार सरकार ने उनके आरोपों को खारिज किया था। वित्त मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव ने बाद में कहा कि तेजस्वी यादव को सैलरी दे दी गई है और सरकारी खजाना खाली नहीं है।
इसके अलावा, जून महीने में भी आरजेडी ने आरोप लगाया था कि बिहार सरकार दिवालिया होने की कगार पर है। सरकार के पास कर्मचारियों के वेतन, छात्रवृति और किसानों का बकाया भुगतान करने के लिए पर्याप्त फंड नहीं है। इसके अलावा, सामाजिक सुरक्षा पेंशन देने के लिए आकस्मिक निधि से 3662 करोड़ रुपये निकालने के फैसले पर भी तेजस्वी यादव ने सम्राट सरकार को घेरा था।



