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fifa world cup most goals in single edition records: साल 1958 के फीफा वर्ल्ड कप में फ्रांस के महान स्ट्राइकर जस्ट फॉन्टेन ने महज 6 मैचों में 13 गोल दागकर एक ही टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा गोल करने का ऐतिहासिक रिकॉर्ड बनाया था. इस सफर में उन्होंने दो हैट्रिक भी लगाईं. हालांकि, साल 1960 में पैर में डबल फ्रैक्चर होने के कारण यह उभरता सितारा कभी पूरी तरह फिट नहीं हो सका और महज 28 साल की उम्र में उन्हें संन्यास लेना पड़ा.
फीफा वर्ल्ड कप के एक एडिशन में सबसे ज्यादा गोल दागने वाले 5 फुटबॉलर.
नई दिल्ली. फुटबॉल के इतिहास में कई ऐसे रिकॉर्ड बने हैं जो समय के साथ टूट गए, लेकिन कुछ कीर्तिमान ऐसे होते हैं जो इतिहास के पन्नों पर हमेशा के लिए अमर हो जाते हैं. ऐसा ही एक अविश्वसनीय रिकॉर्ड फ्रांस के महान स्ट्राइकर जस्ट फॉन्टेन के नाम दर्ज है. साल 1958 के स्वीडन विश्व कप में उन्होंने एक ऐसा कारनामा किया था, जिसे आज आधुनिक फुटबॉल के दौर में दोहराना तो दूर, उसके करीब पहुंचना भी नामुमकिन सा लगता है. फॉन्टेन ने उस एक अकेले टूर्नामेंट में 13 गोल दागकर ‘एक ही विश्व कप में सबसे ज्यादा गोल’ करने का सर्वकालिक रिकॉर्ड बनाया था.
साल 1958 के विश्व कप में जस्ट फॉन्टेन (Just Fontaine) ने मैदान पर कदम रखा तो किसी ने नहीं सोचा था कि यह खिलाड़ी इतिहास रचने जा रहा है. उन्होंने टूर्नामेंट में कुल छह मैच खेले और सबसे हैरान करने वाली बात यह थी कि उन्होंने हर एक मैच में गेंद को जाल में फंसाया. यानी टूर्नामेंट का कोई ऐसा मुकाबला नहीं रहा जिसमें फॉन्टेन का नाम स्कोरशीट पर न चमका हो. उनके इस ऐतिहासिक सफर की शुरुआत ग्रुप स्टेज में परागुआ के खिलाफ हुई, जहां उन्होंने बेहतरीन हैट्रिक बनाई. इसके बाद भी उनका गोल दागने का सिलसिला थमा नहीं. फ्रांस का सफर जब सेमीफाइनल में थमा, तो टीम तीसरे स्थान के प्लेऑफ मुकाबले में पश्चिमी जर्मनी के खिलाफ मैदान पर उतरी. इस मैच में फॉन्टेन ने विपक्षी टीम के डिफेंस को पूरी तरह से तहस-नहस कर दिया और अकेले ही चार गोल दाग दिए. फ्रांस ने वह मैच जीता और फॉन्टेन 13 गोल के साथ फुटबॉल के आसमान पर चमकते सितारे बन गए.
फीफा वर्ल्ड कप के एक एडिशन में सबसे ज्यादा गोल दागने वाले 5 फुटबॉलर.
दिग्गजों को पीछे छोड़ा
जस्ट फॉन्टेन के इस 13 गोल के जादुई आंकड़े ने फुटबॉल जगत के कई बड़े दिग्गजों के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया था।.उनसे पहले साल 1954 के विश्व कप में हंगरी के सैंडोर कोक्सिस ने अपनी टीम को फाइनल तक पहुंचाने के सफर में 11 गोल दागे थे। कोक्सिस के इस शानदार प्रयास को उस समय का सबसे बेहतरीन प्रदर्शन माना जा रहा था, लेकिन महज चार साल बाद ही फॉन्टेन ने उनके इस रिकॉर्ड को छांव में डाल दिया.
3 खिलाड़ी एक विश्व कप में 10 या इससे ज्यादा गोल दाग सके
फुटबॉल इतिहास पर नजर डालें तो जस्ट फॉन्टेन, सैंडोर कोक्सिस के अलावा दुनिया का सिर्फ एक और खिलाड़ी ही ऐसा हुआ है जो किसी एक विश्व कप में 10 या उससे ज्यादा गोल करने का आंकड़ा छू सका. वो खिलाड़ी थे पश्चिम जर्मनी के महान गोल मशीन गर्ड म्युलर, जिन्होंने साल 1970 के विश्व कप में अपनी आक्रामक शैली से 10 गोल बटोरे थे. अगर हम एक ही विश्व कप में सबसे ज्यादा गोल करने वाले सर्वकालिक शीर्ष खिलाड़ियों की बात करें, तो जस्ट फॉन्टेन 13 गोल के साथ सबसे ऊपर आते हैं. उनके बाद हंगरी के सैंडोर कोक्सिस 11 गोल के साथ दूसरे स्थान पर और पश्चिम जर्मनी के गर्ड म्युलर 10 गोल के साथ तीसरे नंबर पर काबिज हैं. वहीं ब्राजील के दिग्गज एडेमिर ने साल 1950 के विश्व कप में अपनी कलात्मक शैली से 9 गोल दागे थे, जबकि पुर्तगाल के महान फुटबॉलर यूसेबियो ने साल 1966 के विश्व कप में अपने देश के लिए 9 गोल करके दुनिया को अपना दीवाना बनाया था.
चोट ने छीना करियर
कहते हैं कि वक्त हमेशा एक जैसा नहीं रहता। जस्ट फॉन्टेन का करियर जिस तेजी से अर्श पर पहुंचा था, उतनी ही बेरहमी से किस्मत ने उन्हें चोट का शिकार बना दिया. साल 1958 की उस ऐतिहासिक सफलता के ठीक दो साल बाद, 1960 में फ्रेंच लीग के एक मैच के दौरान फॉन्टेन एक भयानक हादसे का शिकार हो गए. मैदान पर एक टक्कर के दौरान उनके पैर में ‘डबल फ्रैक्चर’ हो गया. यह चोट इतनी गंभीर थी कि उस दौर की चिकित्सा तकनीकों के सहारे वो कभी भी पूरी तरह से फिट नहीं हो सके. उन्होंने वापसी की भरपूर कोशिश की, लेकिन उनका शरीर अब उस स्तर की फुटबॉल का साथ देने के लिए तैयार नहीं था. नतीजा यह हुआ कि जिस खिलाड़ी को दुनिया के महानतम स्ट्राइकर्स में शुमार होना था, उसे महज 28 साल की उम्र में फुटबॉल को हमेशा के लिए अलविदा कहना पड़ा.
उभरते सितारे के करियर का असमय और दर्दनाक अंत
चोट की इसी त्रासदी के कारण फॉन्टेन साल 1962 के विश्व कप में फ्रांस की टीम का हिस्सा नहीं बन पाए और एक भी मैच नहीं खेल सके. दुनिया का हर फुटबॉल प्रेमी उन्हें एक बार फिर विश्व कप के मंच पर देखना चाहता था, लेकिन इस तरह फुटबॉल के एक बेहद चमकदार और उभरते हुए सितारे के करियर का असमय और दर्दनाक अंत हो गया. हालांकि, उनका करियर छोटा रहा, लेकिन 1958 में बनाया गया उनका वह 13 गोल का रिकॉर्ड आज भी सीना ताने खड़ा है और आने वाली पीढ़ियों को याद दिलाता रहेगा कि जस्ट फॉन्टेन जैसा स्ट्राइकर सदियों में एक बार ही पैदा होता है.
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कमलेश राय वर्तमान में News18 इंडिया में बतौर चीफ सब-एडिटर कार्यरत हैं. 17 वर्षों से अधिक के अपने सुदीर्घ पत्रकारीय सफर में उन्होंने डिजिटल मीडिया की बारीकियों और खबरों की गहरी समझ के साथ एक विशिष्ट पहचान बनाई ह…और पढ़ें


