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उदयपुर के जूडो प्रशिक्षक सुशील सेन की सफलता वर्षों की मेहनत, धैर्य और खेल के प्रति समर्पण का परिणाम है. पिछले 20 से 22 वर्षों से वे श्रीजी जूडो ट्रेनिंग सेंटर में खिलाड़ियों को प्रशिक्षण दे रहे हैं और कई खिलाड़ियों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचा चुके हैं. वर्तमान में वे राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय, भीलूराणा कॉलोनी में शारीरिक शिक्षक के रूप में कार्यरत हैं. उनकी उत्कृष्ट कोचिंग और खिलाड़ियों को तराशने की क्षमता को देखते हुए भारतीय जूडो महासंघ ने उन्हें कजाकिस्तान में आयोजित एशियन कैडेट एवं जूनियर जूडो कप के लिए भारतीय जूनियर जूडो टीम का कोच नियुक्त किया है.
उदयपुर. जूडो प्रशिक्षक सुशील सेन की सफलता की कहानी वर्षों की मेहनत, धैर्य और खेल के प्रति समर्पण का परिणाम है. एक साधारण शिक्षक से भारतीय जूनियर जूडो टीम के कोच बनने तक का उनका सफर उन युवाओं के लिए प्रेरणा है जो खेलों में अपना भविष्य बनाना चाहते हैं. सुशील सेन पिछले दो दशक से अधिक समय से जूडो से जुड़े हुए हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत खिलाड़ियों को प्रशिक्षण देने से की और धीरे-धीरे अपनी मेहनत व अनुभव के दम पर जूडो जगत में एक अलग पहचान बनाई. पिछले 20 से 22 वर्षों से वे उदयपुर के श्रीजी जूडो ट्रेनिंग सेंटर में खिलाड़ियों को प्रशिक्षित कर रहे हैं. इस दौरान उन्होंने सैकड़ों खिलाड़ियों को जूडो की बारीकियां सिखाई और उन्हें राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई.
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नमस्ते मेरा नाम मोनाली है, पेशे से पत्रकार हूं, ख़बरें लिखने का काम है. लेकिन कैमरे पर समाचार पढ़ना बेहद पसंद है. 2016 में पत्रकारिता में मास्टर्स करने के बाद पांच साल कैमरे पर न्यूज़ पढ़ने के साथ डेस्क पर खबरे…और पढ़ें


