
संवाददाता। राजन जायसवाल।
ओबरा (सोनभद्र)। तहसील ओबरा में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस के अवसर पर अधिवक्ताओं व स्थानीय नागरिकों ने तेलगुड़वा से कोन तथा कोन से विंढमगंज मार्ग के निर्माण में अनियमितताओं को लेकर अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में सड़क निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठाते हुए मानकों के अनुरूप कार्य कराने की मांग की गई।
अधिवक्ताओं ने आरोप लगाया कि सड़क निर्माण के दौरान पानी का छिड़काव न के बराबर किया जा रहा है, जिससे सड़क ठीक से बैठ नहीं पा रही और धूल का गुबार उड़ रहा है।

इससे आमजन, राहगीरों व आसपास के निवासियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। धूल के कारण सांस संबंधी बीमारियों, दमा और अन्य रोगों के बढ़ने की आशंका भी जताई गई है।
ज्ञापन में यह भी कहा गया कि सड़क निर्माण के दौरान जगह-जगह गड्ढे रह जा रहे हैं, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ गया है। कई स्थानों पर आरसीसी ड्रेन और सड़क के जोड़ सही तरीके से नहीं किए गए हैं, जिससे वाहन अनियंत्रित होकर पलटने की घटनाएं सामने आ रही हैं। वहीं तेलगुड़वा से कोटा कनहर तक बनी सड़क पर दोपहिया वाहनों के चलने से ही निशान पड़ जा रहे हैं, जिससे निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
अधिवक्ताओं ने यह भी आरोप लगाया कि बिना पुरानी सड़क हटाए ही सोलिंग डाल दी गई है, जो भारी वाहनों के दबाव में जल्द ही क्षतिग्रस्त हो सकती है। आरटीआई के माध्यम से बार-बार मानक की जानकारी मांगे जाने के बावजूद संबंधित विभाग द्वारा कोई स्पष्ट जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई।
ज्ञापन के माध्यम से मांग की गई कि सड़क निर्माण कार्य मानकों के अनुरूप कराया जाए, निर्माण मानक की प्रमाणित प्रति उपलब्ध कराई जाए तथा धूल नियंत्रण के लिए नियमित रूप से पानी का छिड़काव सुनिश्चित किया जाए। साथ ही किसानों की मदद से भी पानी छिड़काव कराने का सुझाव दिया गया।
ज्ञापन देने वालों में प्रभास कुमार पांडेय एडवोकेट, संपूर्णानंद एडवोकेट, विनय कुमार कनौजिया एडवोकेट, अजीत कुमार एडवोकेट, प्रभाकर दुबे, सुदामा दुबे, राधेश्याम, विकास कुमार, दिवाकर कनौजिया, मुकेश कनौजिया, हरिशंकर यादव, ईश्वर जायसवाल एडवोकेट सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।