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मेरे न हाथ हैं, न पैर… फिर भी मैं कर सकती हूं, तो आप लोग क्यों नहीं? पायल नाग बनीं मिसाल
जब हालात इंसान को रोकने की कोशिश करते हैं, तब कुछ लोग इतिहास लिखते हैं. पायल नाग उन्हीं में से एक हैं, जिन्होंने अपनी सीमाओं को अपनी ताकत बना दिया. जहां लोग छोटी-छोटी परेशानियों में हार मान लेते हैं, वहीं पायल हर दिन खुद को साबित करती हैं कि जज्बा किसी शरीर का मोहताज नहीं होता. ये संदेश सिर्फ समाज के लिए नहीं, बल्कि हर उस इंसान के लिए है जो कभी खुद पर शक करता है. पायल नाग की कहानी हमें सिखाती है कि असली ताकत शरीर में नहीं, बल्कि सोच और हौसले में होती है



