
ब्यूरो रिपोर्ट सोनभद्र।
पोकलेन मशीनों और बड़ी नावों से हो रहा बालू का उत्खनन, सैकड़ों गाड़ियों से ढुलाई।
वन क्षेत्र से हरे पेड़ काटकर बनाए जा रहे रास्ते विभागों की चुप्पी पर उठ रहे सवाल।

सोनभद्र। जनपद में अवैध बालू खनन एक बार फिर चर्चा का विषय बन गया है। आरोप है कि में० रुद्रा माइनिंग एंड कम्पनी के खनन क्षेत्र में नियमों को दरकिनार कर बड़े पैमाने पर रात-दिन बालू का अवैध खनन किया जा रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि पोकलेन मशीनों और बड़ी-बड़ी नावों की मदद से नदी से बालू का उत्खनन लगातार जारी है जिससे पानी मे रहने वाले जलजीव मारे जा रहे है वहीं सैकड़ों ट्रकों व ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के माध्यम से धड़ल्ले से बालू की ढुलाई की जा रही है।

ग्रामीणों के मुताबिक यह पूरा खेल जिम्मेदार विभागों की नाक के नीचे खुलेआम चल रहा है, लेकिन इसके बावजूद वन विभाग और खनन विभाग की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है। विभागों की चुप्पी को लेकर क्षेत्र में तरह-तरह की चर्चाएं ब्याप्त हैं और लोग सवाल उठा रहे हैं कि आखिर अवैध खनन पर लगाम क्यों नहीं लग पा रही है।
वन क्षेत्र से हरे भरे पेड़ काटकर रास्ते बनाए जा रहे स्थानीय सूत्रों का आरोप यहाँ तक है कि खनन स्थल तक पहुंचने के लिए वन क्षेत्र के हरे-भरे पेड़ों को काटकर रास्ते बनाए जा रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि इससे पर्यावरण को भारी नुकसान पहुंच रहा है, लेकिन वन विभाग की ओर से कोई सख्त कार्रवाई नहीं किया जाता है स्थानीय ग्रामीणों और लोगो का कहना है कि अवैध खनन को लेकर कई बार समाचार पत्रों और प्रतिष्ठित चैनलों में खबरें भी प्रकाशित और प्रसारित हो चुकी हैं, लेकिन इसके बावजूद जिले के जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया गया। सूत्रों की मानें तो इस पूरे मामले में कुछ सफेदपोश नेताओं, प्रभावशाली लोगों और अधिकारियों की कथित मिलीभगत होने की चर्चा भी क्षेत्र में जोरों पर है। इसी वजह से खनन माफियाओं के खिलाफ कार्रवाई नहीं हो पा रही है। इन आरोपों के चलते खनन विभाग से लेकर जिला प्रशासन तक संदेह के घेरे में आ गया है। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है:
“रात-दिन मशीनों से नदी से बालू निकाला जा रहा है और सैकड़ों गाड़ियां भरकर बाहर भेजी जा रही हैं। कई बार शिकायत करने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। प्रशासन को इस पर सख्त कदम उठाना चाहिए।”
इस संबंध में जब खनन विभाग के अधिकारियों से जानकारी ली गई तो उन्होंने कहा कि अवैध खनन की शिकायत मिलने पर जांच कराई जाएगी। यदि कहीं भी नियमों का उल्लंघन पाया गया तो संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
क्या जिम्मेदार विभागों की नाक के नीचे चल रहा है अवैध खनन का खेल?
या फिर किसी मिलीभगत के चलते फल-फूल रहा है बालू माफियाओं का कारोबार?
फिलहाल क्षेत्र के लोगों ने प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराते हुए अवैध खनन पर तत्काल रोक लगाने और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है।


