• सोनभद्र
  • सिंगरौली
  • राष्ट्रीय
  • विदेश
  • बॉलीवुड
  • खेल
  • चंदौली
  • मिर्जापुर
  • बिहार
  • झारखंड
  • वाराणसी
Wednesday, May 6, 2026
Vindhya Jyoti
  • सोनभद्र
  • सिंगरौली
  • राष्ट्रीय
  • विदेश
  • बॉलीवुड
  • खेल
  • चंदौली
  • मिर्जापुर
  • बिहार
  • झारखंड
  • वाराणसी
No Result
View All Result
  • सोनभद्र
  • सिंगरौली
  • राष्ट्रीय
  • विदेश
  • बॉलीवुड
  • खेल
  • चंदौली
  • मिर्जापुर
  • बिहार
  • झारखंड
  • वाराणसी
No Result
View All Result
Vindhya Jyoti News
No Result
View All Result

Handmade Bamboo Chik | Rajendra Chik Maker Ghaziabad | खस की चिक के फायदे

admin by admin
March 5, 2026
in उत्तर प्रदेश
0 0
0
Handmade Bamboo Chik | Rajendra Chik Maker Ghaziabad | खस की चिक के फायदे


Last Updated:March 05, 2026, 21:12 IST

Handmade Bamboo Chik: एसी और कूलर की चकाचौंध के बीच आज भी गाजियाबाद में एक परिवार ऐसा है जो 50 सालों से प्राकृतिक ठंडक का ‘देसी जुगाड़’ तैयार कर रहा है. राजेंद्र चिक मेकर और उनका परिवार सरकंडों की मदद से ऐसी चिक (पर्दा-जाली) बनाते हैं, जो तपती गर्मी में भी घर के तापमान को काबू में रखती है. हापुड़ के गढ़मुक्तेश्वर से आने वाले खास सरकंडों से बनी यह चिक न सिर्फ सीधी धूप को रोकती है, बल्कि पानी छिड़कने पर कूलर जैसी ठंडी हवा का अहसास भी कराती है. जानिए क्या आज भी लोग इस पारंपरिक तरीके के मुरीद हैं,

गाजियाबाद: गर्मी का मौसम शुरू होते ही लोग अपने घरों को ठंडा रखने के लिए अलग-अलग उपाय करने लगते हैं. इसी के साथ बाजार में ‘चिक’ की मांग भी बढ़ जाती है. चिक दरअसल पतली लकड़ी, बांस या खस की पट्टियों से बनी एक खास तरह की पर्दा-जाली होती है जिसे दरवाजों और खिड़कियों पर लगाया जाता है. इसका इस्तेमाल पुराने समय से ही घरों को ठंडा रखने के लिए किया जाता रहा है. चिक लगाने से बाहर की तेज धूप और गर्म हवा सीधे घर के अंदर नहीं आ पाती जिससे घर का तापमान कुछ हद तक ठंडा बना रहता है.

पीढ़ियों से चला आ रहा हुनर
गाजियाबाद के राजनगर क्षेत्र में राजेंद्र चिक मेकर पिछले करीब 50 वर्षों से चिक बनाने का काम कर रहे हैं. यह काम उनके परिवार में पीढ़ियों से चला आ रहा है. राजेंद्र बताते हैं कि उनके दादा और पिता ने मिलकर इस काम की शुरुआत की थी और तब से यह काम लगातार चल रहा है. आज राजेंद्र अपने बेटे के साथ मिलकर चिक बनाने का काम संभाल रहे हैं. उनका कहना है कि भले ही एसी और कूलर का इस्तेमाल बढ़ गया हो, लेकिन जो लोग प्राकृतिक तरीके से घर को ठंडा रखना चाहते हैं वे आज भी चिक को ही पहली पसंद मानते हैं.

सरकंडों से बुनी जाती है ठंडक
राजेंद्र बताते हैं कि चिक बनाने के लिए खास तरह के सरकंडे का इस्तेमाल किया जाता है. यह सरकंडा हापुड़ जिले के गढ़मुक्तेश्वर इलाके से लाया जाता है. सबसे पहले सरकंडे को साफ करके उसे बराबर किया जाता है, फिर पतली-पतली पट्टियों को धागे से आपस में बुना जाता है. इसके बाद जरूरत के हिसाब से उस पर कपड़ा भी लगाया जाता है, जिससे चिक और मजबूत हो जाती है. पूरी प्रक्रिया हाथ से की जाती है और इसमें काफी मेहनत लगती है. खस की चिक पर पानी छिड़कने से घर के अंदर कूलर जैसी ठंडी हवा का अहसास होता है.

राजेंद्र के अनुसार बाजार में चिक करीब 35 रुपये प्रति फुट के हिसाब से बनाई जाती है. एक चिक तैयार करने में काफी समय लगता है और दो चिक बनाने में लगभग आधा दिन निकल जाता है. गर्मियों के दिनों में उनकी दुकान पर ऑर्डर बढ़ जाते हैं. राजेंद्र का पूरा परिवार इसी काम पर निर्भर है. उनके घर में कुल आठ सदस्य हैं और सभी का खर्च इसी पारंपरिक काम से चलता है.
समय के साथ भले ही बहुत कुछ बदल गया हो, लेकिन चिक की उपयोगिता आज भी कम नहीं हुई है. गर्मी के मौसम में यह न सिर्फ घर को धूप से बचाती है बल्कि घर के अंदर एक सुकून भरी प्राकृतिक ठंडक भी बनाए रखती है.

About the Author

authorimg

Seema Nath

सीमा नाथ पांच साल से मीडिया के क्षेत्र में काम कर रही हैं. शाह टाइम्स, उत्तरांचल दीप, न्यूज अपडेट भारत के साथ ही लोकल 18 (नेटवर्क18) में काम किया है. वर्तमान में मैं News18 (नेटवर्क18) के साथ जुड़ी हूं, जहां मै…और पढ़ें

Location :

Ghaziabad,Uttar Pradesh

First Published :

March 05, 2026, 21:12 IST



Source link

Previous Post

अलका याग्निक ने गाया 1995 का ब्लॉकबस्टर गाना, चोरी-चोरी जिसे गाती थीं लड़कियां, बूढ़े आज भी लेते हैं चुटकियां

Next Post

लक्ष्य सेन ने लगातार दूसरा मैच जीतकर क्वार्टर फाइनल में बनाई जगह, ऑल इंग्लैंड ओपन में लोंग से किया हिसाब बराबर

admin

admin

Next Post
लक्ष्य सेन ने लगातार दूसरा मैच जीतकर क्वार्टर फाइनल में बनाई जगह, ऑल इंग्लैंड ओपन में लोंग से किया हिसाब बराबर

लक्ष्य सेन ने लगातार दूसरा मैच जीतकर क्वार्टर फाइनल में बनाई जगह, ऑल इंग्लैंड ओपन में लोंग से किया हिसाब बराबर

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

No Result
View All Result

Recent Posts

  • 12 महीने में पहली बार… विनेश फोगाट को क्यों भेजा गया नोटिस, क्या कहता है नियम, लगेगा बैन?
  • मुरादाबाद की चूड़ियों वाली गली, जहां से देशभर में सजती हैं कलाईयां, थोक दाम पर मिलता है हर रंग का जादू, देखें वीडियो
  • 90s की हर लड़की का फेवरेट था ये गाना, अलका याग्निक ने बनाया अमर, आज भी करता है दिलों पर राज
  • शिक्षा मित्रो के बढ़े हुए मानदेय पर सम्मान समारोह आयोजित।
  • पटवध पेयजल समूह योजना का किये औचक निरीक्षण।

Recent Comments

    Browse by Category

    • उत्तर प्रदेश
    • खेल
    • छत्तीसगढ़
    • देवरिया
    • बॉलीवुड
    • मध्यप्रदेश
    • राष्ट्रीय
    • वाराणसी
    • सोनभद्र

    BreakingNews

    • All
    • उत्तर प्रदेश
    12 महीने में पहली बार… विनेश फोगाट को क्यों भेजा गया नोटिस, क्या कहता है नियम, लगेगा बैन?

    12 महीने में पहली बार… विनेश फोगाट को क्यों भेजा गया नोटिस, क्या कहता है नियम, लगेगा बैन?

    by admin
    May 6, 2026
    0

    Last Updated:May 05, 2026, 21:10 ISTVinesh Phogat In Fresh Controversy: विनोश फोगाट फिर विवादों में हैं. भारतीय महिला रेसलर को...

    Recent News

    12 महीने में पहली बार… विनेश फोगाट को क्यों भेजा गया नोटिस, क्या कहता है नियम, लगेगा बैन?

    12 महीने में पहली बार… विनेश फोगाट को क्यों भेजा गया नोटिस, क्या कहता है नियम, लगेगा बैन?

    May 6, 2026
    मुरादाबाद की चूड़ियों वाली गली, जहां से देशभर में सजती हैं कलाईयां, थोक दाम पर मिलता है हर रंग का जादू, देखें वीडियो

    मुरादाबाद की चूड़ियों वाली गली, जहां से देशभर में सजती हैं कलाईयां, थोक दाम पर मिलता है हर रंग का जादू, देखें वीडियो

    May 6, 2026
    • Privacy Policy
    • Contact Us

    © 2020 Vindhya Jyoti News

    Welcome Back!

    Login to your account below

    Forgotten Password?

    Retrieve your password

    Please enter your username or email address to reset your password.

    Log In
    No Result
    View All Result
    • सोनभद्र
    • सिंगरौली
    • राष्ट्रीय
    • विदेश
    • बॉलीवुड
    • खेल
    • चंदौली
    • मिर्जापुर
    • बिहार
    • झारखंड
    • वाराणसी

    © 2020 Vindhya Jyoti News