
ब्यूरो रिपोर्ट सोनभद्र।
बाल श्रम उन्मूलन के लिए शासन द्वारा श्रम विभाग के अधिकारियों के अतिरिक्त उप जिलाधिकारी, तहसीलदार, नायब तहसीलदार, बेसिक शिक्षा अधिकारी, खण्ड शिक्षा अधिकारी, सहायक विकास अधिकारी पंचायत को प्रवर्तन एवं अभियोजन की कार्यवाही हेतु सक्षम अधिकारी किया गया नामित- जिलाधिकारी।
निर्माण श्रमिकों के पंजीयन की कार्यवाही में लाये तेजी निर्माण श्रमिक श्रम विभाग द्वारा संचालित योजनाओं से हो सकें लाभान्वित-जिलाधिकारी।
श्रम विभाग से सम्बन्धित किसी भी प्रकार की शिकायत टोल फ्री नम्बर 18001805160 पर कराये दर्ज- जिलाधिकारी।
श्रम विभाग द्वारा संचालित योजनाओं का व्यापक स्तर पर प्रचार प्रसार हेतु जिला मुख्यालय, तहसील,ब्लाक, नगर पालिका नगर पंचायतों में लगाये होर्डिगं- जिलाधिकारी।
सोनभद्र।जनपद को बाल श्रम मुक्त बनाए जाने के उद्देश्य से आज कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी बी0एन0 सिंह की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में विभिन्न विभागों के अधिकारी, श्रम विभाग, शिक्षा विभाग, पुलिस प्रशासन, बाल संरक्षण इकाई, स्वयंसेवी संस्थाओं एवं अन्य संबंधित विभागों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। जिलाधिकारी ने कार्यशाला को संबोधित करते हुए कहा कि बाल श्रम एक गंभीर सामाजिक अपराध है, किसी भी स्थिति में क्षम्य नहीं किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि जनपद को बाल श्रम मुक्त कराने के लिए व्यापक स्तर पर प्रचार-प्रसार एवं जनजागरूकता अभियान चलाया जाए, ताकि आमजन बाल श्रम के दुष्परिणामों से अवगत हो सकें। जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि स्कूलों, बाजारों, औद्योगिक क्षेत्रों, ईंट- भट्ठों, होटलों एवं ढाबों में नियमित निरीक्षण अभियान चलाए जाएं कहीं भी बाल श्रम पाए जाने पर संबंधित के विरुद्ध नियमानुसार सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए उन्होंने कहा कि बाल श्रम से मुक्त कराये गये बच्चों को पुनर्वास, शिक्षा एवं सामाजिक सुरक्षा की समुचित व्यवस्था प्राथमिकता के आधार पर की जाए। उन्होने कहा कि बाल श्रम उन्मूलन के लिए शासन द्वारा श्रम विभाग के अधिकारियों के अतिरिक्त उप जिलाधिकारी, तहसीलदार, नायब तहसीलदार, बेसिक शिक्षा अधिकारी, खण्ड शिक्षा अधिकारी, सहायक विकास अधिकारी पंचायत को प्रवर्तन एवं अभियोजन की कार्यवाही हेतु सक्षम अधिकारी नामित किया गया है इन अधिकारियो द्वारा यदि कही पर बाल श्रम करते हुए पाया जाता है तो सम्बन्धित दोषी के विरूद्ध प्रवर्तन एवं अभियोजन की कार्यवाही की जायेगी, उन्होने कहा कि बाल श्रम से प्रभावित परिवारों को पात्रतानुसार लाभार्थी योजनाओं से जोड़कर बाल श्रम जैसी कुरीति से मुक्ति की कार्यवाही की जाये निर्माण श्रमिकों के पंजीयन की कार्यवाही में तेजी लायी जाये जिससे की निर्माण श्रमिक श्रम विभाग द्वारा संचालित योजनाओं से लाभान्वित हो सकें, कार्यशाला में बाल श्रम उन्मूलन से संबंधित भारत सरकार एवं राज्य सरकार द्वारा संचालित योजनाओं, जन शिकायत पोर्टल पर श्रम विभाग से सम्बन्धित किसी भी प्रकार की शिकायत जिसका टोल फ्री नम्बर 18001805160 पर दर्ज करा सकते है जिलाधिकारी ने श्रम विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिया कि श्रम विभाग द्वारा संचालित योजनाओं का नगर पालिका व नगर पंचायत, तहसील, व विकास खण्डों में होर्डिगं व बैनर लगवायें जाये जिससे अधिक से अधिक संख्या में जनमानस श्रम विभाग द्वारा संचालित योजनाओं से लाभान्वित हो सकें। टोल फ्री नम्बर का अधिक से अधिक प्रचार किया जाए, जिससे आम नागरिक बाल श्रम की शिकायत सहजता से दर्ज करा सकें।
उन्होंने कहा कि बाल श्रम के खिलाफ यह अभियान केवल प्रशासन का नहीं बल्कि पूरे समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। सभी विभाग आपसी समन्वय से कार्य करते हुए जनपद को बाल श्रम मुक्त बनाने में सक्रिय भूमिका निभाएं। कार्यशाला मेें उपस्थित उप श्रमायुक्त मिर्जापुर पिपरी, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ0 पंकज कुमार राय, अपर पुलिस अधीक्षक अनिल सिंह, पी0डी0 डी0आर0डी0ए0 एस0के0 राय, समाज कल्याण अधिकारी ज्ञानेन्द्र सिंह भदौरिया, जिला अल्प संख्यक कल्याण अधिकारी सुधांशु शंेखर शर्मा, अपर जिला सूचना अधिकारी विनय कुमार सिंह सहित अन्य सम्बन्धित अधिकारीगण उपस्थित रहे।

