
ब्यूरो रिपोर्ट सोनभद्र।
खराब सड़क को लेकर सड़क पर सपा कार्यकर्ताओं ने किया विरोध प्रदर्शन।
सोनभद्र। में जर्जर सड़कों को लेकर समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने बड़ा विरोध प्रदर्शन किया है। कार्यकर्ताओं ने सड़क पर बैठकर सरकार और जनप्रतिनिधियों को आईना दिखाने की कोशिश की। आरोप है सोनभद्र नगर मुख्यालय कि प्रमुख मार्ग के सड़क कि जब यह स्थिति है तो अन्य सड़कें कैसी होगी। कहा कि सड़कें गड्ढों में तब्दील हो चुकी हैं, लेकिन सरकार अरबों रुपये खर्च करने का दावा कर रही है। लोगों का कहना है कि खराब सड़कों की वजह से आए दिन हादसे हो रहे हैं और बच्चों से लेकर बुजुर्ग तक परेशान हैं। सोनभद्र की सड़कों का हाल बेहाल है जगह-जगह गड्ढे हैं और सफर करना लोगों के लिए मुसीबत बन चुका है। इन्हीं समस्याओं को लेकर समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने सड़क पर लेटकर अनोखा विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान बताया गया कि चंडी तिराहे से लेकर पूरे ओवर ब्रिज के नीचे सड़क पैदल चलने योग भी नहीं बची हैं जहां बारिश के दिनों में यहां किसी नदी नाले की स्थिति बन जाती है। जबकि इसी मार्ग से कलेक्ट्रेट जान हो या पुलिस लाइन चाहे जीवन बचाने के लिए जिला अस्पताल और जीवन सुधारने के लिए बच्चों को विद्यालय । इसके अतिरिक्त दूर दराज से आने – जाने वाले जनपद के अन्य लोग न्यायालय हो या अन्य जरूरी कार्य सबके लिए यह सड़क मुसीबत और दुर्घटना को दावत दे रही बावजूद इसकी किसी जन प्रतिनिधि को कोई चिंता नहीं है। बस पद पर आसीन होकर अपने हित का कार्य करने में सब लगे हैं। विरोध का नेतृत्व जिला सचिव प्रमोद यादव ने किया। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार जर्जर सड़कों के नाम पर अरबों रुपये का बंदरबांट कर रही है। लेकिन हकीकत ये है कि बच्चे स्कूल जाते समय आए दिन गिरकर घायल हो रहे हैं। प्रमोद यादव ने हाल ही की एक घटना का जिक्र करते हुए बताया कि अजय भारती नाम का युवक अपनी मां को अस्पताल ले जा रहा था, तभी मोटरसाइकिल गड्ढे में फिसल गई और वह घायल हो गया। लेकिन इस पर न तो विधायक बोले और न ही जिला प्रशासन या ब्लॉक प्रमुख। सपा नेता मनीष त्रिपाठी ने कहा कि भाजपा सरकार में हर जगह गड्ढे ही गड्ढे हैं और जनप्रतिनिधियों को जनता की परेशानियों से कोई सरोकार नहीं है। वहीं सुरेश अग्रहरि और मुन्ना कुशवाहा ने कहा कि सोनभद्र के कई मार्ग ऐसे हैं जिन पर चलना बेहद मुश्किल है। इस दौरान दर्जनों पार्टी कार्यकर्ता रहे मौजूद।
