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World Transplant Games 2025: भारत ने जर्मनी के ड्रेसडेन में आयोजित वर्ल्ड ट्रांसप्लांट गेम्स में इतिहास रच दिया है. भारतीय एथलीटों ने यह साबित करते हुए कि ट्रांसप्लांट के बाद जीवन न केवल संभव है बल्कि पॉवरफुल भ…और पढ़ें
भारत ने वर्ल्ड ट्रासंप्लांट गेम्स में जीते 63 मेडल. चंडीगढ़ के पशु चिकित्सक जसकरण सिंह ने कुल पांच मेडल जीते. जसकरण ने कुछ साल पहले अपनी बीमार पत्नी को किडनी दान की थी. सिंह ने चार गोल्ड और एक सिल्वर मेडल जीता, जिससे उन्हें गेम्स के ‘आउटस्टैंडिंग डोनर एथलीट’ का खिताब मिला. ऑर्गन इंडिया की ओर से आयोजित समारोह में जसकरण सिंह ने कहा,’यह एक मिथक है कि जो लोग अंग दान करते हैं या रिसिव करते हैं वे सामान्य जीवन नहीं जी सकते. मैंने कभी महसूस नहीं किया कि मेरे पास केवल एक किडनी है. खेलों के माध्यम से हम जागरुकता फैलाना चाहते हैं और दिखाना चाहते हैं कि विकलांग लोगों को समाज में किसी भी अन्य व्यक्ति की तरह शामिल किया जाना चाहिए.’
2021 में किडनी ट्रांसप्लांट के बाद मैदान में वापसी करने वाले पूर्व सेना के शॉट पुटर सत्यवान पंघाल ने दो गोल्ड और एक सिल्वर जीता. 13 वर्षीय ईशान अनेकर, जिन्होंने अल्पोर्ट सिंड्रोम को मात दी और 2021 में ट्रांसप्लांट प्राप्त किया. ईशान ने तैराकी में दो गोल्ड और एक सिल्वर जीता.
स्पेशल ओलंपिक्स संगठन की चेयरपर्सन और कार्यक्रम की मुख्य अतिथि मल्लिका नड्डा ने टीम के प्रदर्शन की सराहना करते हुए कहा कि वह ट्रांसप्लांट खेलों को राष्ट्रीय खेल महासंघ के तहत लाने के लिए प्रयास करेंगी. उन्होंने कहा,’हम खेल मंत्री से मिलने की कोशिश कर सकते हैं और चर्चा कर सकते हैं कि इसे महासंघ का हिस्सा कैसे बनाया जा सकता है क्योंकि यह स्पेशल ओलंपिक्स के समान है.’

करीब 15 साल से पत्रकारिता में सक्रिय. दिल्ली यूनिवर्सिटी से पढ़ाई. खेलों में खासकर क्रिकेट, बैडमिंटन, बॉक्सिंग और कुश्ती में दिलचस्पी. IPL, कॉमनवेल्थ गेम्स और प्रो रेसलिंग लीग इवेंट्स कवर किए हैं. फरवरी 2022 से…और पढ़ें
करीब 15 साल से पत्रकारिता में सक्रिय. दिल्ली यूनिवर्सिटी से पढ़ाई. खेलों में खासकर क्रिकेट, बैडमिंटन, बॉक्सिंग और कुश्ती में दिलचस्पी. IPL, कॉमनवेल्थ गेम्स और प्रो रेसलिंग लीग इवेंट्स कवर किए हैं. फरवरी 2022 से… और पढ़ें


