
ब्यूरो रिपोर्ट सोनभद्र।
सोनभद्र। के चोपन नगर पंचायत में सड़क घोटाले का मामला अब तूल पकड़ चुका है। विंध्यज्योति समाचार पत्र की खबर का बड़ा असर हुआ है। जिस सड़क को सही बताया जा रहा था, उसे तोड़कर दोबारा बनाने पर उठे सवालों के बाद एडीएम वागीश शुक्ला ने अधिशासी अधिकारी मधुसूदन जायसवाल को नोटिस थमा दिया है। साथ ही एसडीएम ओबरा की अध्यक्षता में त्रिस्तरीय जांच कमेटी गठित कर दी गई है। अब इस मामले में जिम्मेदारी तय कर कार्रवाई की जाएगी। चोपन नगर पंचायत के वार्ड नंबर 10 मल्लाही टोला आश्रम रोड पर बनी आरसीसी सड़क अच्छी हालत में थी। बावजूद इसके उसे तोड़कर नए सिरे से निर्माण का टेंडर जारी किया गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह कदम सिर्फ नगर पंचायत अध्यक्ष के चहेते ठेकेदारों को फायदा पहुंचाने और सरकारी धन का दुरुपयोग करने के लिए उठाया गया है। भाजपा नेता और पूर्व सभासद नमामि गंगे के जिला संयोजक महेंद्र केसरी ने भी इस मामले में ज्ञापन देकर जांच की मांग की है। विंध्यज्योति समाचार पत्र के संवाददाता ने इस मामले पर अधिशासी अधिकारी मधुसूदन जायसवाल से बात की, तो उन्होंने दावा किया कि सड़क मकानों से ऊंची हो गई थी और इसी कारण सड़क तोड़कर बनाई जा रही है। लेकिन जब विंध्यज्योति समाचार पत्र के संवाददाता ने मौके पर रियलिटी चेक किया, तो एक भी मकान सड़क से नीचे नहीं मिला। यानी ईओ का यह तर्क पूरी तरह गलत साबित हुआ। इसी बिंदु पर पूर्व सभासद महेंद्र केसरी ने भी सवाल खड़े किए और कहा कि सड़क को बेवजह तोड़कर जनता के धन की बर्बादी की जा रही है। विंध्यज्योति समाचार पत्र ने पूरे जनपद में सबसे पहले और प्रमुखता से इस मामले पर खबर चलाया था। खबर का असर इतना बड़ा हुआ कि एडीएम वागीश शुक्ला ने अधिशासी अधिकारी को नोटिस जारी कर दिया। नोटिस में साफ कहा गया है कि किस आधार पर प्रपोजल तैयार किया गया, इसका स्पष्टीकरण साक्ष्यों के साथ पेश करना होगा। अब त्रिस्तरीय जांच कमेटी काम कर रही है और प्रशासन की ओर से आश्वासन दिया गया है कि जिम्मेदारों पर कार्रवाई तय होगी।
यानी साफ है कि विंध्यज्योति समाचार पत्र की खबर का असर अब जमीन पर दिख रहा है। सवाल ये है कि सही सड़क को तोड़कर आखिर किसके दबाव में टेंडर जारी किया गया और इसमें कौन-कौन जिम्मेदार है इसका जवाब अब जांच रिपोर्ट आने के बाद ही सामने आएगा। प्रकरण में कार्रवाई की मांग उठाने वाले भाजपा नेता नमामि गंगे जिला संयोजक महेंद्र केसरी ने कहा कि आज से कुछ वर्ष पूर्व हम सभासद थे जब तो सड़क बनाई गई थी। नगर पंचायत अध्यक्ष द्वारा अपने चहेते को लाभ पहुंचाने के लिए सड़क को तुड़वाकर दोबारा टेंडर जारी किया गया। अधिशासी अधिकारी का बयान जो सामने आया है कि सड़क वहां पर मौजूद मकान से ऊपर थी इसलिए तोड़ा गया जबकि एक भी मकान सड़क से नीचे नहीं है। इससे साफ साबित होता है कि जनता के पैसे का दुरुपयोग किया जा रहा। जिसे लेकर एडीएम को ज्ञापन भी मेरे द्वारा दिया गया। वहीं इस मामले को लेकर बात करते हुए एडीएम वागीश शुक्ला ने बताया कि मुझे सूचना प्राप्त हुई थी कि चोपन नगर पंचायत में एक आरसीसी रोड का निर्माण कराया जा रहा। जिसकी स्थिति पूर्व में अच्छी बताई गई थी। जिसे लेकर मेरे द्वारा त्रिस्तरीय जांच कमेटी गठित की गई है। जिसमें अध्यक्ष ओबरा एसडीएम को बनाया गया है। निर्देश दिया गया है कि पूरे प्रकरण का तकनीकी रूप से जांच करके उसकी आख्या प्रस्तुत करें। जिसके बाद जांच रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
