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Viral News: गाजीपुर के मरदह गांव की 70 वर्षीय सुशीला देवी बीते 20 वर्षों से रोजाना 2–3 बार हुक्का पीती हैं. उनके अनुसार हुक्का से दिमाग शांत और पेट फिट रहता है. गांव में अम्मा और हुक्के की जोड़ी फेमस है. उनका द…और पढ़ें
हमने पूछा- अम्मा, ई हुक्का रोज पीबेला त तबियत खराब नइखे होत? यानी अम्मा आप यह हुक्का रोज पीती हो, तबियत खराब नहीं हो जाएगी? इस पर सुशीला देवी हंसते हुए बोलीं– ‘का बताईं बाबू, हुक्का बिना त पेटे ना टिकेला. दिन में दू-तीन बार कश ना लगाईं, त दिमागे भारी लागेला. हुक्का पीके मन हौले हो जाला, पेटो फिट रहेला. बीस बरिस से पी रहल बानी, कवनो दिक्कत नइखे.’ इतना कहके अम्मा ने एक लंबा कश लगाया और धुआं हवा में गोल-गोल घूमने लगा. उनका अंदाज देखकर ऐसा लगा जैसे कोई हुक्का की मास्टर क्लास चल रही हो.
विशेषज्ञों के अनुसार हुक्का में तंबाकू और कोयले का धुआं फेफड़ों, दिल और मुंह के लिए हानिकारक होता है. लगातार हुक्का पीने से सांस और हृदय से जुड़ी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है. यह रिपोर्ट केवल ग्रामीण जीवनशैली को दर्शाने के लिए है, हुक्का सेवन को प्रोत्साहित नहीं करती.
