• सोनभद्र
  • सिंगरौली
  • राष्ट्रीय
  • विदेश
  • बॉलीवुड
  • खेल
  • चंदौली
  • मिर्जापुर
  • बिहार
  • झारखंड
  • वाराणसी
Tuesday, March 17, 2026
Vindhya Jyoti
  • सोनभद्र
  • सिंगरौली
  • राष्ट्रीय
  • विदेश
  • बॉलीवुड
  • खेल
  • चंदौली
  • मिर्जापुर
  • बिहार
  • झारखंड
  • वाराणसी
No Result
View All Result
  • सोनभद्र
  • सिंगरौली
  • राष्ट्रीय
  • विदेश
  • बॉलीवुड
  • खेल
  • चंदौली
  • मिर्जापुर
  • बिहार
  • झारखंड
  • वाराणसी
No Result
View All Result
Vindhya Jyoti News
No Result
View All Result

उस शख्स की अविश्वसनीय कहानी, जो 1945 में हिरोशिमा और नागासाकी दोनों बम विस्फोटों में बच गए

admin by admin
August 6, 2025
in खेल
0 0
0
उस शख्स की अविश्वसनीय कहानी, जो 1945 में हिरोशिमा और नागासाकी दोनों बम विस्फोटों में बच गए


Last Updated:August 06, 2025, 17:46 IST

जब 6 अगस्त, 1945 को हिरोशिमा पर पहला परमाणु बम गिरा सुतोमु यामागुची वहीं पर था. वह इस विस्फोट में बच गए. तीन दिन बाद वह नागासाकी पहुंच गए, जहां एक बार फिर से बम से बच गए. पेश है उनकी कहानी…

उस शख्स की अविश्वसनीय कहानी, जो हिरोशिमा-नागासाकी दोनों बम विस्फोट में बच गएसुतोमु यामागुची- ‘जाको राखे साइयां, मार सके न कोई…’
The unbelievable story of Tsutomu Yamaguchi: अमेरिका ने द्वितीय विश्व युद्ध के अंत में 6 अगस्त, 1945 को जापानी शहर हिरोशिमा पर युद्ध में इस्तेमाल किया गया पहला परमाणु बम गिराया. इस विस्फोट में लगभग 80,000 लोग मौके पर ही मारे गए. तीन दिन बाद नागासाकी शहर पर दूसरा परमाणु बम गिराया गया, जिसमें लगभग 40,000 लोग मारे गए. हालांकि, जापान में हुए दोनों परमाणु बम विस्फोटों में एक व्यक्ति बच गया. इनका नाम था सुतोमु यामागुची. 

सुतोमु यामागुची हिरोशिमा में थे जब पहला बम गिराया गया था. वह बच गए और बाद में 9 अगस्त को नागासाकी में हुए बम विस्फोट में भी बच गए. जिस दिन दूसरा बम गिराया गया था. यामागुची को आधिकारिक तौर पर दोनों परमाणु बम विस्फोटों में जीवित बचे एकमात्र व्यक्ति के रूप में मान्यता दी गई थी. 2010 में 93 वर्ष की आयु में उनका निधन हो गया. लेकिन वह दोनों विस्फोटों से कैसे बच गए? आइए इस पर एक नजर डालते हैं…

ये भी पढ़ें- Explainer: कैसे बहाल होगा जम्मू-कश्मीर का राज्य का दर्जा? संसद की क्या होगी भूमिका

कौन थे सुतोमु यामागुची?
सुतोमु यामागुची हिरोशिमा छोड़ने की तैयारी कर रहे थे जब पहला परमाणु बम गिराया गया. उस समय उनकी उम्र 29 साल थी और वह मित्सुबिशी हैवी इंडस्ट्रीज में इंजीनियर के पद पर कार्यरत थे. हिस्ट्री डॉट कॉम के अनुसार वह तीन महीने के बिजनेस ट्रिप पर गए थे. 6 अगस्त 1945, शहर में उनका अंतिम दिन था. उन्होंने और उनके सहयोगियों ने गर्मियों में एक नए तेल टैंकर की योजना पर काम किया था. यामागुची अपनी पत्नी हिसाको और अपने नन्हे बेटे कत्सुतोशी के पास घर लौटने के लिए बेताब थे.

ये भी पढ़ें- जब बादल फटते हैं तो कितनी स्पीड से भागता है पानी, क्यों ताश के पत्तों की तरह उड़ जाते हैं मकान 

हिरोशिमा बमबारी में कैसे बच गए?
6 अगस्त को जब वह जाने की तैयारी कर रहे थे तो हिरोशिमा का आसमान अचानक बदल गया. मेरिका ने अपना पहला परमाणु बम गिराया, जिसका नाम ‘लिटिल बॉय’ था. यामागुची ने ऊपर देखा तो एक अमेरिकी बी-29 बमवर्षक विमान उड़ रहा था. उसने पैराशूट से जुड़ी एक छोटी सी वस्तु छोड़ी. कुछ ही पल बाद आसमान एक तेज चमक से भर गया. बाद में उन्होंने इसे एक विशाल मैग्नीशियम चमक की बिजली जैसा बताया. वह खुद को बचाने के लिए एक खाई में कूद गए. लेकिन विस्फोट ने उन्हें जमीन से ऊपर खींच लिया. झटके की लहर ने उन्हें हवा में उछालकर पास के आलू के खेत में फेंक दिया.

ये भी पढ़ें- आर्य समाज में हो रही शादियों को लेकर हाईकोर्ट क्यों हुआ सख्त, आखिर क्या है वजह

काले आसमान में बदल गई उजली सुबह
जब उन्हें होश आया, तो उनके आस-पास सब कुछ अंधेरा था. विस्फोट ने उस उजली सुबह को काले आसमान में बदल दिया था. हिस्ट्री डॉट कॉम के अनुसार उनका चेहरा और हाथ बुरी तरह जल गए थे और दोनों कान के पर्दे फट गए थे. राख भारी मात्रा में गिर रही थी और वह शहर के ऊपर मशरूम के आकार का बादल उठता हुआ देख सकते थे. यामागुची स्तब्ध होकर मित्सुबिशी शिपयार्ड के अवशेषों की ओर बढ़े. वहां उन्हें अपने सहकर्मी अकीरा इवानगा और कुनियोशी सातो मिले जो बच गए थे. उस रात तीनों ने एक हवाई हमले वाले बंकर में शरण ली. 7 अगस्त को जब उन्हें पता चला कि रेलवे स्टेशन अभी भी चल रहा है तो वे वहां से निकल पड़े.

ये भी पढ़ें- कौन सी है दुनिया की सबसे महंगी शराब? जितने का पड़ता है एक पेग, इतने में खरीद लेंगे लक्जरी फ्लैट

नागासाकी बमबारी में कैसे बचे यामागुची?
अपनी पत्नी और बच्चे के पास लौटने के बाद सुतोमु यामागुची ने 8 अगस्त को एक स्थानीय अस्पताल में इलाज करवाया. उनकी चोटें इतनी गंभीर थीं कि उनके अपने परिवार वाले भी उन्हें पहले पहचान नहीं पाए. रिपोर्ट के अनुसार जब वह घर पहुंचे तो उन्हें बुखार था और शरीर पर पट्टियां बंधी हुई थीं. उनकी मां ने उन्हें भूत समझ लिया. कमजोर होने और मुश्किल से चलने-फिरने में सक्षम होने के बावजूद यामागुची 9 अगस्त की सुबह बिस्तर से उठे और मित्सुबिशी के नागासाकी कार्यालय में काम करने चले गए. वह एक मीटिंग में गए जहां कंपनी के एक निदेशक ने उनसे हिरोशिमा में हुई घटना के बारे में बताने को कहा. जैसे ही यामागुची ने यह बताने की कोशिश की कि कैसे एक बम ने पूरे शहर को तबाह कर दिया. बाहर का आसमान अचानक एक चमकदार सफेद चमक से जगमगा उठा. शॉकवेव आने से कुछ ही सेकंड पहले यामागुची जमीन पर गिर पड़े. विस्फोट से दफ्तर की खिड़कियां टूट गईं. शीशा और मलबा पूरे कमरे में बिखर गया. 

ये भी पढ़ें- कौन है केन्या का पादरी पॉल मैकेंजी, जिसके धार्मिक अनुष्ठान में मर गए 400 अनुयायी, क्या था मामला

93 साल की उम्र में हुआ निधन
बाद में द इंडिपेंडेंट को दिए एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा, “मुझे लगा कि मशरूम बादल हिरोशिमा से मेरा पीछा कर रहा है.” 2009 में अपनी मृत्यु से एक साल पहले यामागुची ने पत्रकारों से कहा था, “मेरा दोहरा रेडिएशन जोखिम अब एक आधिकारिक सरकारी रिकॉर्ड है. यह मेरे मरने के बाद भी युवा पीढ़ी को परमाणु बम विस्फोटों का भयावह इतिहास बता सकता है. यामागुची का 2010 में 93 वर्ष की आयु में पेट के कैंसर से जूझने के बाद निधन हो गया.

ये भी पढ़ें- Explainer: अमेरिका क्यों पाकिस्तान पर इतना मेहरबान, क्या है उसकी मंशा… रणनीति और स्वार्थ का खेल 

‘निजु हिबाकुशा’ के रूप में मान्यता
ऐसा माना जाता है कि लगभग 165 लोगों ने दोनों परमाणु बम विस्फोटों का अनुभव किया होगा. हालांकि यामागुची एकमात्र व्यक्ति थे जिन्हें जापानी सरकार ने आधिकारिक तौर पर ‘निजु हिबाकुशा’ के रूप में मान्यता दी थी. जिसका अर्थ है ‘दो बार बम से मारा गया व्यक्ति’. जापान परमाणु बम हमलों का शिकार होने वाला एकमात्र देश है. द वॉशिंगटन पोस्ट के अनुसार हिरोशिमा में लगभग 1,40,000 और नागासाकी में 70,000 लोग मारे गए थे.

Location :

New Delhi,Delhi

First Published :

August 06, 2025, 17:46 IST

homeknowledge

उस शख्स की अविश्वसनीय कहानी, जो हिरोशिमा-नागासाकी दोनों बम विस्फोट में बच गए



Source link

Previous Post

लगातार 27वें दिन किया गया रुद्राभिषेक पूजन।

Next Post

निजी अस्पताल भारत हास्पिटल एवं सर्जिकल सेन्टर स्थित बैंक मोड में चिकित्सा के दौरान लगभग 12 वर्षीय बालक की मृत्यु की खबर, स्थानीय लोगों में रोष का जिलाधिकारी ने लिया संज्ञान।

admin

admin

Next Post

निजी अस्पताल भारत हास्पिटल एवं सर्जिकल सेन्टर स्थित बैंक मोड में चिकित्सा के दौरान लगभग 12 वर्षीय बालक की मृत्यु की खबर, स्थानीय लोगों में रोष का जिलाधिकारी ने लिया संज्ञान।

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

No Result
View All Result

Recent Posts

  • प्रेमिका से शादी की जिद में टावर पर चढ़ा युवक, एक घंटे तक चला हाई वोल्टेज ड्रामा।
  • श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट अयोध्या के वर्ष प्रतिपदा समारोह में संदीप गुप्ता को मिला आमंत्रण पत्र।
  • सोनभद्र में बालू रेत का काला खेल हाईटेंशन लाइन के नीचे बालू मौत का खनन, सिस्टम फेल या मिलीभगत का खेल।
  • अमेरिका-ईरान युद्ध की वजह से बड़ा फैसला, बहरीन और सऊदी अरब फॉर्मूला 1 रेस हुई कैंसिल
  • Ayodhya Ram Mandir Vishisht Darshan 19 March | Ayodhya Ram Mandir | अयोध्या राम मंदिर विशिष्ट दर्शन 19 मार्च

Recent Comments

    Browse by Category

    • उत्तर प्रदेश
    • खेल
    • छत्तीसगढ़
    • बॉलीवुड
    • राष्ट्रीय
    • वाराणसी
    • सोनभद्र

    BreakingNews

    • All
    • उत्तर प्रदेश

    प्रेमिका से शादी की जिद में टावर पर चढ़ा युवक, एक घंटे तक चला हाई वोल्टेज ड्रामा।

    by Shantosh Mishra
    March 17, 2026
    0

    ब्यूरो रिपोर्ट सोनभद्र। सोनभद्र। जनपद के रॉबर्ट्सगंज कोतवाली क्षेत्र में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब एक युवक प्रेमिका से...

    Recent News

    प्रेमिका से शादी की जिद में टावर पर चढ़ा युवक, एक घंटे तक चला हाई वोल्टेज ड्रामा।

    March 17, 2026

    श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट अयोध्या के वर्ष प्रतिपदा समारोह में संदीप गुप्ता को मिला आमंत्रण पत्र।

    March 17, 2026
    • Privacy Policy
    • Contact Us

    © 2020 Vindhya Jyoti News

    Welcome Back!

    Login to your account below

    Forgotten Password?

    Retrieve your password

    Please enter your username or email address to reset your password.

    Log In
    No Result
    View All Result
    • सोनभद्र
    • सिंगरौली
    • राष्ट्रीय
    • विदेश
    • बॉलीवुड
    • खेल
    • चंदौली
    • मिर्जापुर
    • बिहार
    • झारखंड
    • वाराणसी

    © 2020 Vindhya Jyoti News