एफएनजी एक्सप्रेसवे, फरीदाबाद को देगा रफ्तार
फरीदाबाद-नोएडा-गाज़ियाबाद (FNG) एक्सप्रेसवे, जो कि 56 किलोमीटर लंबा है और फरीदाबाद को सीधे नोएडा और गाजियाबाद से जोड़ता है, शहर के सबसे बड़े बदलाव लाने वाले प्रोजेक्ट्स में से एक बनने जा रहा है. इसके चालू होते ही इन तीनों शहरों के बीच यात्रा का समय लगभग 50% तक कम हो जाएगा और दिल्ली के जाम से भी राहत मिलेगी. जिसे भांपते हुए फरीदाबाद, एनसीआर के पेशेवरों और कारोबारियों के लिए एक मजबूत रिहायशी और कमर्शियल विकल्प बनकर उभर रहा है. खास बात यह है कि एक्सप्रेसवे का जो हिस्सा फरीदाबाद से होकर गुजरता है, वह शहर के तेजी से विकसित हो रहे सेक्टरों जैसे 75, 76, 84, 88 और 89 से होकर निकलता है. इन इलाकों में रिहायशी और औद्योगिक प्रोजेक्ट्स की संख्या तेजी से बढ़ रही है.
दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे का हाल ही में चालू हुआ 24 किलोमीटर का हिस्सा फरीदाबाद की कनेक्टिविटी को नई ऊंचाई पर ले आया है. यह एक्सप्रेसवे फरीदाबाद को दिल्ली-आगरा हाईवे (NH-19) से सीधे जोड़ता है, जिससे पुराने रूट्स पर ट्रैफिक कम हुआ है और सफर पहले से कहीं आसान हो गया है. यह आधुनिक सड़क फरीदाबाद को भारत के नेशनल हाईवे नेटवर्क का अहम हिस्सा भी बना रही है. अब गुरुग्राम और मुंबई जैसे प्रमुख औद्योगिक शहरों से सीधा जुड़ाव होने के कारण फरीदाबाद में निवेशकों और डेवलपर्स की दिलचस्पी तेजी से बढ़ रही है.
जेवर एयरपोर्ट तक होगी सीधी पहुंच
जल्द ही जेवर एयरपोर्ट फरीदाबाद के लिए एक गेम चेंजर साबित होने जा रहा है. पूरी संभावना है कि एयरपोर्ट से जुड़ी मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर योजनाओं का सबसे बड़ा फायदा फरीदाबाद को मिलेगा. इस एयरपोर्ट की सालाना अनुमानित क्षमता 1.2 करोड़ यात्रियों की होगी, जिससे न सिर्फ इंडस्ट्रियल ग्रोथ और रोजगार के नए मौके बनेंगे, बल्कि टूरिज्म, हॉस्पिटैलिटी और लॉजिस्टिक्स जैसे सेक्टरों में भी जबरदस्त तेजी आएगी.वहीं फरीदाबाद की लोकेशन, बेहतर होता इंफ्रास्ट्रक्चर और अब सीधी एयरपोर्ट कनेक्टिविटी इसे एक हाई-पोटेंशियल डेस्टिनेशन बनाने जा रही है.
दिल्ली मेट्रो की वायलेट लाइन के बल्लभगढ़ तक विस्तार ने शहर के भीतर सफर को आसान बना दिया है. यह लाइन आगे पलवल तक भी बढ़ने जा रही है. यही वजह है कि अब सेक्टर 28 और ग्रेटर फरीदाबाद जैसे इलाकों में घर खरीदने और निवेश करने वालों की दिलचस्पी काफी बढ़ गई है. आगे चलकर, प्रस्तावित मेट्रो नियो प्रोजेक्ट फरीदाबाद में लास्ट माइल कनेक्टिविटी को और बेहतर बनाएगा, जिससे प्रॉपर्टी की कीमतों में एकदम बढ़ोतरी की उम्मीद है.
ग्रेटर फरीदाबाद हो रहे मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर अपग्रेड के चलते यह रियल एस्टेट के क्षेत्र में फिर ऊपर बढ़ने लगा है. अब यहां से साउथ दिल्ली, नोएडा और आने वाले जेवर एयरपोर्ट तक पहुंच पहले से कहीं आसान हो गई है. इन सुधारों ने मिलकर रिहायशी, कमर्शियल और मिक्स्ड-यूज प्रोजेक्ट्स की रफ्तार को काफी तेज़ कर दिया है.बेहतर कनेक्टिविटी और सुविधाजनक जीवनशैली के चलते ग्रेटर फरीदाबाद और सेक्टर-79 जैसे इलाके अब लग्जरी रेजिडेंशियल, हाई-एंड रिटेल और मॉडर्न ऑफिस स्पेस की बढ़ती मांग देख रहे हैं.साथ ही, हरियाणा और ग्रेटर नोएडा के बीच बेहतर बॉर्डर कनेक्टिविटी की वजह से क्रॉस-इन्वेस्टमेंट को भी बढ़ावा मिला है. इससे यह इलाका अब दोहरा निवेश कॉरिडोर बनता जा रहा है, जिससे ज़मीन की कीमतों में भी अच्छी-खासी बढ़ोतरी देखी जा रही है.
बीपीटीपी के नेशनल सेल्स हेड हरिंदर ढिल्लोन ने कहा, ‘ग्रेटर फरीदाबाद दिल्ली-एनसीआर की रियल एस्टेट दुनिया में अगला बड़ा ग्रोथ इंजन बनता जा रहा है. एफएनजी एक्सप्रेसवे और दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे जैसे बड़े बदलाव लाने वाले इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स कनेक्टिविटी को पूरी तरह से बदल रहे हैं. इससे सफर का समय काफी कम हो गया है और अब देश के अहम आर्थिक हब्स तक पहुंचना पहले से कहीं आसान हो गया है. इन बड़े बदलावों ने निवेशकों और घर खरीदारों दोनों की दिलचस्पी को बढ़ाया है, साथ ही डेवलपर्स और बिजनेस के लिए भी नई संभावनाएं खोली हैं. नतीजा यह है कि ग्रेटर फरीदाबाद में अब प्रीमियम रिहायशी और कमर्शियल प्रोजेक्ट्स की मांग तेजी से बढ़ रही है. यह इलाका अब एक भविष्य के लिए तैयार, तेजी से उभरता हुआ शहर बनता जा रहा है.’


