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Gorakhpur News: सहजनवा के सुथनी गांव में 155 करोड़ की लागत से तैयार हो रहा बायो CNG प्लांट निर्माण की सुस्ती और लापरवाही की भेंट चढ़ता नजर आ रहा है अत्याधुनिक प्लांट में प्रतिदिन 200 टन गीले कचरे से 6.5 से 7 टन…और पढ़ें
नगर आयुक्त गौरव सिंह सोगरवाल के अनुसार, इंडियन ऑयल का प्रस्ताव शासन स्तर पर अंतिम स्वीकृति के करीब है. जैसे ही मंजूरी मिलती है, कंपनी पुराने करार की शर्तों पर निर्माण और संचालन की जिम्मेदारी संभालेगी.
इस अत्याधुनिक प्लांट में प्रतिदिन 200 टन गीले कचरे से 6.5 से 7 टन बायो CNG और 20 टन जैविक खाद तैयार करने की योजना थी. इसका शिलान्यास अप्रैल 2023 में हुआ था. इसे अक्टूबर 2024 तक पूरा करना था. लेकिन निर्माण कार्य की धीमी रफ्तार के चलते समयसीमा बढ़ाकर 30 जून 2025 कर दी गई है. अब तक सिर्फ एडमिन बिल्डिंग, वर्कशॉप शेड, गार्ड रूम और कैंटीन का निर्माण हो सका है. नगर निगम की बनाई चाहरदीवारी समेत कुल प्रगति अभी सिर्फ 40% ही है.
रोजगार और रॉयल्टी का वादा अधर में
नगर निगम ने इस प्रोजेक्ट के लिए 10 एकड़ जमीन सिर्फ 1 रुपये प्रति वर्गमीटर के सालाना पट्टे पर दी थी. करार के अनुसार, कंपनी को निर्माण और संचालन की पूरी जिम्मेदारी लेनी थी. बदले में निगम को हर साल 56 लाख रुपये की रॉयल्टी और 150 लोगों को रोजगार देने का वादा किया गया था. साथ ही निगम प्रतिदिन 200 टन गीला कचरा मुफ्त देगा, जिससे कंपनी बायो CNG और खाद बना कर बेचेगी. हालांकि तय तारीख निकलने के बाद भी निर्माण कार्य अधूरा है. नगर निगम के अधिशासी अभियंता अशोक भाटी ने बताया कि, अब संबंधित फर्म पर कार्रवाई की तैयारी की जा रही है और जल्द ही उसे काली सूची में डाला जा सकता है. अगर यह प्रोजेक्ट समय से पूरा हो जाता है तो गोरखपुर को कचरा मुक्त करने की दिशा में यह मील का पत्थर साबित हो सकता है.
